बालोद, 7 जुलाई। गुरूर थाना क्षेत्र में चार महीने पहले हुई नवविवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस जांच ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि दहेज की मांग और लगातार मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर 28 वर्षीय नवविवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मामले में पुलिस ने पति, सास, ससुर और ननद को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।


घटना 24 फरवरी 2026 की है। गुरूर की गुलमोहर कॉलोनी स्थित किराए के मकान में रहने वाली मीनाक्षी भतरिया अपने कमरे में फंदे से लटकी मिली थी। प्रारंभिक जांच में मर्ग कायम कर मामले की विवेचना शुरू की गई। चूंकि मृतका का विवाह हाल ही में हुआ था, इसलिए पूरे मामले की गहन जांच कराई गई।जांच के दौरान साइबर सेल की सहायता से कॉल डिटेल निकाली गई और मृतका के मायके पक्ष सहित अन्य लोगों के बयान दर्ज किए गए। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि विवाह के बाद से ही मीनाक्षी को कम दहेज लाने, रंग-रूप को लेकर ताने देने और “नौकरानी की तरह रहना पड़ेगा” जैसी बातें कहकर लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।
पति प्रवीण भतरिया के साथ-साथ ससुर पग्गू लाल भतरिया, सास गीता भतरिया और ननद करूणा चतुर्वेदानी भी प्रताड़ना में शामिल थे।पुलिस को पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद चारों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस टीम ने दुर्ग जिले के ग्राम पथर्रा में दबिश देकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना के दौरान जुटाए गए साक्ष्य और गवाहों के बयान इस कार्रवाई का आधार बने। करीब चार महीने चली जांच के बाद दहेज प्रताड़ना का मामला प्रमाणित होने पर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई।
गिरफ्तार आरोपी :-
प्रवीण भतरिया (पति)पग्गू लाल भतरिया (ससुर)गीता भतरिया (सास)करूणा चतुर्वेदानी (ननद)