रायपुर/07जुलाई 2026। प्रदेश के 1051 सरकारी अस्पतालों में होने वाली जांच का जिम्मा निजी कंपनी को देने का विरोध करते हुए प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार ने बीते ढाई साल में जानबूझकर सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था को खराब किया है। मरीजों को परेशान किया। ताकि सरकारी अस्पतालों को निजी हाथों में सौंपकर भाजपा मोटी कमीशनखोरी एवं भ्रष्टाचार कर सके। प्रदेश के 1051 सरकारी अस्पताल में संचालित पैथोलॉजी लैब को पहले ही ठेका में दे दिया गया है। अब रेडियोलॉजी विभाग जिसमें एक्स-रे, सिटी स्कैन सहित 100 से अधिक प्रकार की जांच होती है, अब निजी कम्पनी को देने की तैयारी है। जिला अस्पताल में 134 प्रकार, सिविल अस्पताल में 111 प्रकार, सीएचसी में 97 प्रकार, पीएचसी 64 प्रकार की जांच निःशुल्क होती थी, लेकिन अब जांच निजी कम्पनी करेगी। इससे मरीजों को मोटा रकम खर्च करना पड़ेगा ही। प्रदेश के युवा जो पैथालॉजी एवं रेडियोलॉजी की पढ़ाई किये है उन्हें अब सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी। इससे प्रदेश में बेरोजगारी बढ़ेगी।प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से स्वास्थ्य विभाग सम्हल नहीं रहा है तो इस्तीफा क्यों नहीं दे देते? कांग्रेस सरकार के दौरान हमर लैब में जांच की सुविधा मजबूत की गई थी सरकारी अस्पतालो में व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया था ताकि गरीब जनता को ईलाज के लिये भटकना न पड़े, निजी संस्थानों की मोटी फीस देने से बच सके। लेकिन भाजपा सरकार की नीयत में खोट है इनकी नीति हर जनकल्याण के योजनाओं का निजीकरण करना है। स्वास्थ्य विभाग हर वर्ग की जरूरत है। सरकार जब स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं को चला नहीं पा रही है फिर स्वास्थ्य मंत्री किस काम के? कांग्रेस मांग करती है सरकारी अस्पतालों की जांच का निजीकरण न किया जाये, बल्कि व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाये। पैथोलॉजी एवं रेडियोलॉजी विभाग में रिक्त पदों में नियमित भर्ती किया जाये ताकि गरीब मरीजों को बेहतर जांच की सुविधा मिल सके।