GPM में कलेक्टर का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’! डी.डी. अस्पताल का OT-ICU सील, लाइसेंस भी सस्पेंड

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गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। मरीजों की जान से खिलवाड़ और गंभीर चिकित्सीय लापरवाही पर कलेक्टर एवं पर्यवेक्षी प्राधिकारी डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए सेमरा स्थित डी.डी. अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर (OT) और ICU वार्ड को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है। साथ ही अस्पताल का पंजीयन (लाइसेंस) भी अस्थायी एवं सशर्त रूप से निरस्त कर दिया गया है।यह कार्रवाई 22 जून को प्रसूता ज्योति सोनवानी की मौत के मामले में हुई जांच के बाद की गई।

जिला अस्पताल से सिम्स बिलासपुर रेफर की गई महिला को बीच रास्ते से वापस लाकर डी.डी. अस्पताल में भर्ती किया गया था। उपचार के दौरान कथित लापरवाही के बाद सिम्स में उसकी मौत हो गई थी, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया था।कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन के निर्देश पर गठित स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त जांच टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया। जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। अस्पताल में गंभीर मरीज भर्ती होने के बावजूद विशेषज्ञ डॉक्टर और प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ मौजूद नहीं थे। ICU और ऑपरेशन के लिए आवश्यक संसाधनों का भी अभाव मिला।

इतना ही नहीं, आयुष्मान भारत योजना के मरीजों से अतिरिक्त राशि वसूलने की शिकायतें भी सही पाई गईं।दोबारा हुई जांच में खुलासा हुआ कि एक्लेम्प्सिया जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित प्रसूता का इलाज बिना स्त्री रोग विशेषज्ञ, एनेस्थेटिस्ट और पर्याप्त पोस्ट-ऑपरेटिव सुविधा के किया जा रहा था। जांच में एक अन्य गंभीर प्रसूता के उपचार में भी लापरवाही के तथ्य सामने आए।अस्पताल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उसके जवाब और जांच रिपोर्ट के परीक्षण में कई दावे गलत पाए गए। साथ ही नर्सिंग होम एक्ट एवं छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन अधिनियम, 2020 के प्रावधानों के उल्लंघन की पुष्टि हुई।इन सभी तथ्यों के आधार पर कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने सख्त रुख अपनाते हुए अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर और ICU को सील करने तथा अस्पताल का लाइसेंस अस्थायी रूप से निरस्त करने के आदेश जारी किए। आदेश की प्रतिलिपि स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई है।संदेश साफ है—गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वालों पर प्रशासन अब किसी भी तरह की नरमी बरतने के मूड में नहीं है।

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