गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन और जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे ने पकरिया स्थित शासकीय पशु एवं बकरी प्रजनन प्रक्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने साहीवाल गौवंश और जमुनापारी-सिरोही नस्ल की बकरियों के संरक्षण, कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण, दुग्ध उत्पादन, हरे चारे की व्यवस्था तथा सांड-बकरा वितरण योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की।

निरीक्षण में सामने आया कि 1928 में स्थापित पशु प्रजनन प्रक्षेत्र में 160 पशुओं के लक्ष्य के विरुद्ध 210 पशुधन मौजूद हैं। इनमें 80 उत्पादक पशु शामिल हैं और अब तक 15,203 लीटर दूध का उत्पादन दर्ज किया गया है। वहीं 10-10 एकड़ में नेपियर, सूडान और मक्का का हरा चारा तैयार किया जा रहा है। पशुओं का टीकाकरण और डीवर्मिंग भी शत-प्रतिशत की जा रही है।
वहीं 1975 में स्थापित बकरी प्रजनन प्रक्षेत्र में 500 के लक्ष्य के मुकाबले 601 बकरियां उपलब्ध हैं। यहां 304 उत्पादक बकरियां और 12 ब्रीडिंग बकरे हैं। अरहर और सूडान की खेती के जरिए हरे चारे की व्यवस्था की जा रही है तथा सभी बकरियों का टीकाकरण और स्वास्थ्य परीक्षण नियमित रूप से किया जा रहा है।
कलेक्टर ने अधिकारियों को नस्ल सुधार कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने, चारा उत्पादन बढ़ाने, प्रक्षेत्र की व्यवस्थाएं सुदृढ़ करने और पात्र हितग्राहियों तक सांड एवं बकरा वितरण योजनाओं का लाभ समयबद्ध ढंग से पहुंचाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत परिसर में तीन आम के पौधे भी लगाए और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।