सरकार के दुर्भावना से उद्योग बंदी के कगार पर, मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट : सुरेंद्र वर्मा

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रायपुर/ 06 जून 2026। डीजल और गैस के संकट के कारण छत्तीसगढ़ के उद्योगों के सामने बहुत बड़ा संकट आ गया है, उद्योग बंदी के कगार पर है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा कि लौह उद्योगों में एलपीजी का उपयोग कटिंग के लिये होता है लेकिन पिछले 3 महीने से राज्य के उद्योगों को आवश्यकता के हिसाब से पर्याप्त व्यावसायिक सिलेण्डर नही मिल रहा है और अब उद्योगों को डीजल नही मिल पा रहा है। जिसके कारण आधे से अधिक उद्योग बंद होने वाले है। उद्योगों में तालाबंदी की नौबत आ गई है और मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है।प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा कि दुर्भाग्यजनक है कि सरकार उद्योगों को राहत देने में उदासीन बनी हुयी है। उद्योग मंत्री ने इस संकट के मामले मे समीक्षा बैठक नही लिया गया और मुख्यमंत्री भी इस मामले में किसी भी प्रकार की मदद की कोशिश नही किये। सरकार की अकर्मण्यता और गलत नीतियों का खामियाजा प्रदेश की जनता भोगने मजबूर है, ट्रिपल इंजन की भाजपा सरकार आम जनता के लिए ट्रबल इंजन साबित हो रही है। छत्तीसगढ़ के उद्योग बंद होने से गरीब मजदूर रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। साथ ही राज्य की उत्पादकता प्रभावित हो रही है, जिससे कर राजस्व पर भी विपरीत असर पड़ रहा है।प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि सरकार उद्योगों को प्राथमिकता से पर्याप्त मात्रा में आवश्यक डीजल और गैस उपलब्ध कराये। केन्द्र और डीजल कंपनीयों से डीजल और गैस लाने का समुचित प्रयास करे, ताकि राज्य के उद्योगों का संचालन सुचारू रूप से जारी रहे और आर्थिक मंदी से न जूझे रहे राज्य के उद्योगों को राहत मिले।

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