गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी अभियान “सुशासन तिहार” के तहत गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर ऐतिहासिक बन गया। “संवाद से समाधान” थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र के 25 हजार से अधिक लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। लोगों में जबरदस्त उत्साह और उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आगमन प्रस्तावित था, लेकिन हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी आने के कारण वे कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके।

हालांकि जिला प्रशासन ने पूरे कार्यक्रम की कमान मजबूती से संभालते हुए आयोजन को सफल बनाया।जिला कलेक्टर संतोष कुमार देवांगन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे और उनकी पूरी टीम पूरे समय व्यवस्थाओं में जुटी रही।
प्रशासनिक अधिकारियों ने मंच से जनता से सीधा संवाद किया और शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया।कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर और अधिकारियों ने अपने हाथों से 25 बच्चों को अन्न ग्रहण कराया तथा कपड़ों का वितरण भी किया। इसके साथ ही किसानों और बिहान दीदियों सहित लगभग 400 हितग्राहियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।शिविर में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पंचायत एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई थी। प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वास्थ्य सेवाओं और स्व-सहायता समूहों से जुड़ी जानकारी लोगों तक पहुंचाई गई। बिहान दीदियों ने भी अपने उत्पादों और कार्यों का प्रदर्शन कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया।कलेक्टर संतोष कुमार देवांगन ने क्षेत्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि उनका कार्यालय आम जनता के लिए हमेशा खुला है।
कलेक्टर संतोष कुमार देवांगन ने कहा कि लोग अपनी समस्याएं लेकर किसी भी समय कार्यालय आ सकते हैं और समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा।उन्होंने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं के निराकरण के लिए जल्द ही विशेष शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसमें वे स्वयं पटवारियों के साथ बैठकर समस्याओं का समाधान करेंगे।सुशासन तिहार का यह आयोजन प्रशासन और जनता के बीच मजबूत विश्वास, संवाद और समाधान का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया।