फर्जी आर्म्स एक्ट केस पर कांग्रेस का बड़ा हमला: डीजीपी से मिली कांग्रेस, नरेंद्र जैन पर दर्ज प्रकरण रद्द करने की मांग

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रायपुर। सूरजपुर जिले के कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज मामले को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री धनेंद्र साहू के नेतृत्व में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अरुण देव गौतम से मुलाकात कर मामले को फर्जी, राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित और लोकतंत्र पर हमला बताते हुए तत्काल निरस्त करने की मांग की।कांग्रेस नेताओं ने डीजीपी के समक्ष आरोप लगाया कि नगर पंचायत शिवनंदनपुर में चल रहे चुनाव प्रचार से नरेंद्र जैन को दूर रखने और उनकी राजनीतिक सक्रियता को बाधित करने के उद्देश्य से सुनियोजित साजिश के तहत यह प्रकरण दर्ज किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह मामला केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया से जुड़ा गंभीर विषय है।

“लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश” :-

कांग्रेस नेताओं ने डीजीपी से कहा कि राजनीतिक विरोधियों को झूठे मामलों में फंसाने और चुनावी गतिविधियों को प्रभावित करने की प्रवृत्ति बेहद चिंताजनक है। यदि इस तरह की कार्रवाई पर रोक नहीं लगी तो जनता का कानून और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर विश्वास कमजोर होगा।प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर नरेंद्र जैन के खिलाफ दर्ज प्रकरण को तत्काल समाप्त किया जाए तथा जिन पुलिस अधिकारियों ने तथ्यों की अनदेखी कर दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई की है, उनके खिलाफ कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए।

कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे मौजूद :-

डीजीपी से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा, विकास उपाध्याय, आकाश शर्मा, प्रदेश महामंत्री सकलेन कामदार, प्रदेश सचिव ब्रह्मानंद सिंह ठाकुर, राजेंद्र (पप्पू) बंजारे, कुमार मेनन, पूर्व महापौर प्रमोद दुबे, एजाज ढेबर, कन्हैया अग्रवाल और अधिवक्ता दिशांत सिंह ठाकुर सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता शामिल रहे।धरना-अनशन से गरमाई राजनीतिमामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व उपमुख्यमंत्री टी. एस. सिंहदेव तथा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी न्याय की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना और अनशन पर बैठे हुए हैं।कांग्रेस का आरोपकांग्रेस का कहना है कि नरेंद्र जैन के खिलाफ दर्ज प्रकरण पूरी तरह राजनीतिक प्रतिशोध का परिणाम है और इसका उद्देश्य उन्हें चुनावी मैदान से बाहर रखना था। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

अब निगाहें डीजीपी और पुलिस मुख्यालय की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि जांच में कांग्रेस के आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला प्रदेश की राजनीति और पुलिस प्रशासन दोनों के लिए बड़ा मुद्दा बन सकता है।

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