राजनांदगांव। रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से बुधवार को राजनांदगांव रेलवे स्टेशन परिसर में पुलिस, RPF और GRP ने संयुक्त रूप से हाई-लेवल मॉक ड्रिल चलाया। पूरे स्टेशन परिसर में अचानक बढ़ी हलचल, संदिग्ध बैग मिलने की सूचना, यात्रियों की भीड़ और भगदड़ जैसी परिस्थितियों के बीच सुरक्षा एजेंसियों ने रियल टाइम रिस्पॉन्स का प्रदर्शन किया।यह संयुक्त सुरक्षा अभ्यास पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के मार्गदर्शन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें जिला पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल (RPF), GRP, BDDS टीम, डॉग स्क्वायड और रेलवे विभाग के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।ट्रेनों में चला सघन सुरक्षा अभियानमॉक ड्रिल के दौरान मुंबई से भुवनेश्वर जा रही लोकमान्य तिलक स्पेशल ट्रेन और बिलासपुर से दिल्ली जाने वाली छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में सघन जांच अभियान चलाया गया। स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म और यात्रियों के सामान की बारीकी से जांच की गई।अचानक मची अफरा-तफरी, फिर शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशनअभ्यास के दौरान रेलवे स्टेशन में अत्यधिक भीड़ के कारण भगदड़ जैसी स्थिति तैयार की गई।

इसी बीच कुछ यात्रियों के बेहोश होने और एक संदिग्ध लावारिस बैग मिलने की सूचना पर सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट मोड में आ गईं।पुलिस, RPF और GRP की संयुक्त टीम ने तत्काल स्टेशन परिसर को घेराबंदी कर नियंत्रित किया। यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया और इमरजेंसी निकासी मार्ग (Evacuation Route) तथा फुट ओवर ब्रिज (FOB) के जरिए व्यवस्थित तरीके से बाहर निकाला गया।डॉग स्क्वायड और BDDS टीम भी रही एक्टिवमॉक ड्रिल में डॉग स्क्वायड और बम डिस्पोजल एंड डिटेक्शन स्क्वायड (BDDS) की टीम ने संदिग्ध वस्तुओं की जांच कर सुरक्षा व्यवस्था का प्रदर्शन किया। पूरे घटनाक्रम के दौरान भीड़ नियंत्रण, आपातकालीन प्रतिक्रिया और बचाव कार्यवाही को समन्वित तरीके से अंजाम दिया गया।सुरक्षा एजेंसियों का तालमेल दिखा मजबूतइस संयुक्त अभ्यास में रक्षित निरीक्षक लोकेश कसेर, थाना प्रभारी उपेंद्र कुमार, थाना प्रभारी बसंतपुर एमन साहू, थाना प्रभारी लालबाग रमेश पटेल, चौकी प्रभारी तुमड़ीबोड़ दिलीप पटेल, RPF प्रभारी तरुणा साहू, GRP जनक लाल तिवारी सहित रेलवे विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
पुलिस ने कहा : –
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की तैयारीराजनांदगांव पुलिस के अनुसार इस तरह की संयुक्त मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ बनाना और किसी भी खतरे की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।स्टेशन पर हुई इस हाई-लेवल मॉक ड्रिल ने साफ कर दिया कि सुरक्षा एजेंसियां किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।