तिल्दा नेवरा। तिल्दा नेवरा नगर पालिका एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। नगर पालिका अध्यक्ष के पति पर अवैध निर्माण, अतिक्रमण संरक्षण, आवास योजना में कथित वसूली, राजनीतिक दबाव और रसूख का इस्तेमाल करने जैसे गंभीर आरोप लग रहे हैं। इन आरोपों के बाद शहर में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है और आम नागरिकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।स्थानीय लोगों के अनुसार कांग्रेस भवन, गार्डन और सांस्कृतिक भवन के पीछे कथित रूप से अवैध मकानों का निर्माण कराया जा रहा है। आरोप है कि इन निर्माण कार्यों पर अब तक कोई ठोस प्रशासनिक कार्रवाई नहीं हुई, जबकि आम लोगों के छोटे निर्माण कार्यों पर तुरंत नोटिस और कार्रवाई की जाती है। इससे नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।हाई स्कूल–कॉलेज मार्ग पर हुई थी जेसीबी कार्रवाई।
शहरवासियों ने बताया कि हाल ही में हाई स्कूल से कॉलेज मार्ग में बन रही तीन दुकानों को प्रशासन ने अवैध मानते हुए तहसीलदार की मौजूदगी में जेसीबी चलाकर हटाया था। इसके बावजूद नगर पालिका अध्यक्ष पति का नाम लगातार विवादों में बना हुआ है। लोगों का आरोप है कि प्रभावशाली लोगों के लिए नियम अलग और आम जनता के लिए अलग व्यवस्था लागू की जा रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि आवास योजना में “रेट फिक्स” कर लाभ दिलाने की बात कही जाती है। हालांकि इन आरोपों की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन शहर में इसको लेकर चर्चाएं तेज हैं।
मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद मेरे जेब में” जैसी चर्चाओं से गरमाई राजनीति
शहर में यह चर्चा भी जोरों पर है कि नगर पालिका अध्यक्ष पति कथित रूप से अपने राजनीतिक संपर्कों का हवाला देते हुए कहते हैं कि “मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद और विधायक तक मेरे जेब में हैं, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।”इन कथित बयानों के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। विरोधियों का आरोप है कि राजनीतिक संरक्षण के कारण लगातार विवादों और आरोपों के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही।
शहर हटाओ अभियान” पर भी उठे सवाल
नगर पालिका द्वारा चलाए गए “शहर हटाओ अभियान” को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि छोटे व्यापारियों और गरीबों पर कार्रवाई की गई, लेकिन शहर के बीच नाली के ऊपर बने कथित अवैध निर्माणों को नहीं हटाया गया। इससे नगर पालिका पर पक्षपात और संरक्षण देने के आरोप लग रहे हैं।शराब भट्टी के पास अवैध दुकानों की चर्चास्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि नेवरा शराब भट्टी के पास कुछ दुकानों का निर्माण किया जा रहा है, जिन्हें कथित रूप से राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। हालांकि प्रशासन की ओर से इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
पार्षदों को “मलाई-मिठाई” देने की चर्चाएं
पूर्व में एक बच्चे के हाथ खराब होने के मामले में भी नगर पालिका अध्यक्ष पति का नाम चर्चाओं में आया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि उस मामले में भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कुछ लोग उन्हें “झोलाछाप डॉक्टर” तक कह रहे हैं, हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।आखिर किसका संरक्षण?अब शहर में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर नगर पालिका अध्यक्ष पति को किसका संरक्षण प्राप्त है? क्या राजनीतिक दबाव के कारण कार्रवाई नहीं हो रही? क्या प्रशासनिक अधिकारियों पर प्रभाव बनाया गया है? इन सवालों को लेकर शहर में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।निष्पक्ष जांच की मांग तेजशहरवासियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि अवैध निर्माण, आवास योजना में कथित वसूली, अतिक्रमण संरक्षण और भ्रष्टाचार के आरोपों की गंभीर जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि शासन की योजनाओं और प्रशासन पर जनता का भरोसा कायम रह सके।