बलरामपुर : छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के बसंतपुर थाना से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस कस्टडी में रखे गए एक पिकअप वाहन से टायर बदलने और धान गायब होने की शिकायत ने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया है।
क्या है पूरा मामला :-
जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश निवासी मटुकधारी (पिता धनुकधारी) 27 नवंबर 2025 को अपने पिकअप वाहन (UP 64 CT 4056) में 67 बोरी धान लेकर छत्तीसगढ़ आ रहे थे। इसी दौरान बसंतपुर थाना पुलिस ने वाहन का पीछा किया।बताया जा रहा है कि वाहन को बसंतपुर निवासी राजकुमार गुप्ता के घर के पास खड़ा किया गया, जहां से ड्राइवर मौके से फरार हो गया। इसके बाद पुलिस ने वाहन को कब्जे में ले लिया।


कैसे पहुंची गाड़ी थाने :-
स्थानीय व्यक्ति के अनुसार, पुलिस के कहने पर उन्होंने खुद पिकअप को चलाकर बसंतपुर थाना पहुंचाया। बाद में वाड्रफनगर तहसीलदार ने वाहन को जब्त कर थाना प्रभारी को सुपुर्द कर दिया।
कोर्ट आदेश के बाद खुला मामला :-
24 अप्रैल 2026 को बलरामपुर कलेक्टर कार्यालय से वाहन रिलीज का आदेश जारी हुआ। जब वाहन मालिक मटुकधारी थाना पहुंचे, तो नज़ारा देखकर हैरान रह गए।

उनके मुताबिक :—
- गाड़ी के दो नए टायर गायब थे
- उनकी जगह पुराने और खराब टायर लगाए गए थे
- 67 बोरी में से 4 बोरी धान कम मिला।
मौके पर क्या मिला :-
सूचना पर पहुंचे पत्रकार रामहरी गुप्ता ने भी मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने पाया कि—
- वाहन अपेक्षाकृत नया था
- कुछ टायर कंपनी के ओरिजिनल थे
- दो टायर स्पष्ट रूप से बदले हुए नजर आए
- यह स्थिति टायर बदलने की आशंका को और मजबूत करती है।
पीड़ित का आरोप और विरोध :-
वाहन मालिक मटुकधारी ने पुलिस पर गंभीर लापरवाही या मिलीभगत का आरोप लगाया है।
उनका कहना है—“जब थाना ही सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे होगी ! ”उन्होंने साफ कहा कि जब तक उनके टायर और धान वापस नहीं मिलते, वे वाहन थाने से नहीं ले जाएंगे।
पुलिस का पक्ष :-
मामले में पुलिस अधीक्षक से संपर्क की कोशिश की गई, लेकिन बात नहीं हो सकी। बाद में डीएसपी विश्व दीपक त्रिपाठी को जानकारी दी गई।
डीएसपी ने जांच कर दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया है।
पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला :-
यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले सरगुजा जिले के दरिमा थाना में भी पुलिस कस्टडी से टायर चोरी का मामला सामने आ चुका है।
उस मामले में:—
- जब्त ट्रैक्टर से टायर और पार्ट्स चोरी हुए
- पुलिसकर्मियों की संलिप्तता सामने आई
- स्थानीय व्यापारी को बेचने की बात भी उजागर हुई।
आरोपी थे:—प्रधान आरक्षक संतोष कुमार गुप्ता, आरक्षक जगेश्वर बघेल
कार्रवाई :—
- संतोष गुप्ता को डिमोट किया गया,
- जगेश्वर बघेल को न्यूनतम वेतनमान पर रखा गया ।
क्या फिर दोहराया जा रहा है वही पैटर्न ! :-
बसंतपुर थाना का ताजा मामला एक बार फिर वही सवाल खड़ा करता है:—
- क्या थानों में जब्त सामान सुरक्षित नहीं है?
- क्या पुलिस कस्टडी में भी चोरी संभव है?या फिर यह अंदरूनी मिलीभगत का मामला है?
- बड़ा सवाल: –
- भरोसा कैसे कायम रहेगा!
- लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से साफ है कि—थानों में जब्त वाहनों की सुरक्षा अब भी चुनौती बनी हुई हैनिगरानी और जवाबदेही में गंभीर कमी हैसख्त और पारदर्शी कार्रवाई की जरूरत हैअब नजर प्रशासन परयह मामला अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बन चुका है।
- सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि—
- क्या इस बार दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी? क्या पुलिस व्यवस्था में सुधार के ठोस कदम उठाए जाएंगे?