New Delhi (नई दिल्ली) : भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करते हुए RELOS रक्षा समझौता अब आधिकारिक रूप से लागू हो गया है। यह समझौता दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।इस समझौते के तहत भारत और रूस एक-दूसरे की जमीन पर अधिकतम 3,000 सैनिक तैनात कर सकेंगे। इसके साथ ही 5 युद्धपोतों और 10 सैन्य विमानों की तैनाती की भी अनुमति दी गई है, जिससे दोनों देशों की सैन्य क्षमताओं में आपसी तालमेल और बढ़ेगा।समझौते की एक अहम विशेषता यह है कि दोनों देशों की सेनाएं अब एक-दूसरे के मिलिट्री बेस, एयरबेस और बंदरगाहों का उपयोग कर सकेंगी। इससे आपसी ऑपरेशनल सहयोग, लॉजिस्टिक्स सपोर्ट और संयुक्त सैन्य अभ्यासों को बढ़ावा मिलेगा।गौरतलब है कि यह रक्षा समझौता फरवरी 2025 में हस्ताक्षरित हुआ था, जबकि दिसंबर 2025 में रूस ने इसे औपचारिक मंजूरी दी। अब इसके लागू होने के साथ ही भारत-रूस रक्षा संबंध एक नए स्तर पर पहुंच गए हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता न केवल दोनों देशों की सुरक्षा साझेदारी को मजबूत करेगा, बल्कि वैश्विक रणनीतिक संतुलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।