जगदलपुर। बस्तर जिले में चोरी का एक नया और चौंकाने वाला तरीका सामने आया है। अंतरराज्यीय चोर गिरोह सूने मकानों में चोरी करने के लिए वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल कर रहा था। बाहर खड़ा आरोपी वॉकी-टॉकी से आने-जाने वालों की सूचना देता था, जबकि दूसरा आरोपी घर के अंदर घुसकर चोरी को अंजाम देता था। बस्तर पुलिस ने इस हाईटेक चोरी गिरोह को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया।

दिनांक 29 जनवरी 2026 की रात आरोपियों ने पहले सूने मकानों की रेकी की। इसके बाद दो आरोपी बोलेरो वाहन में बैठकर निगरानी करते रहे, जबकि एक आरोपी वॉकी-टॉकी लेकर बाहर खड़ा रहा और दूसरा आरोपी औजारों से ताला तोड़कर घर के अंदर घुसा। सूचना के आदान–प्रदान के लिए आरोपी वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल करते थे। सनसिटी कॉलोनी में यश मेठानी के घर से सोने-चांदी के जेवर और नकदी, वहीं वृंदावन कॉलोनी से चांदी की मूर्तियां और नकद राशि चोरी की गई। तकनीकी साक्ष्य से खुली पोल पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग के मार्गदर्शन तथा नगर पुलिस अधीक्षक अमित देवांगन व डीएसपी साइबर गीतिका साहू के पर्यवेक्षण में विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्य, मुखबिर सूचना और वारदात के तरीके के आधार पर आरोपियों को आड़ावाल क्षेत्र से हिरासत में लिया गया।पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की घटनाओं को स्वीकार किया।
पंजाब–हरियाणा–भिलाई से जुड़े 4 आरोपी गिरफ्तार, बस्तर पुलिस की सटीक कार्रवाई :-
शहर के सूने मकानों में चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का बस्तर पुलिस ने महज 24 घंटे में पर्दाफाश कर दिया। आरोपी चोरी के दौरान वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल कर एक-दूसरे से संपर्क में रहते थे। बाहर खड़ा आरोपी वॉकी-टॉकी से सिग्नल देता था, जबकि दूसरा आरोपी घर के अंदर ताले तोड़कर चोरी करता था।**इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों में अभिषेक खंडारा पिता सागर खंडारा (24 वर्ष) निवासी खरड सिटी थाना 04 नंबर चौकी जिला खरड (पंजाब), नरेन्द्र सिंह पिता स्व. सुरजित सिंह (50 वर्ष) निवासी बसंत टॉकीज के पास भिलाई थाना छावनी जिला दुर्ग (छत्तीसगढ़), विशाल वाल्मीकी पिता अनिल वाल्मीकी (23 वर्ष) निवासी मंगल सराय कॉलोनी सेक्टर-09 थाना करनाल जिला करनाल (हरियाणा) तथा विक्की कुमार वर्मा पिता स्व. राजेश कुमार वर्मा (34 वर्ष) निवासी शारदापारा कैम्प-02 भिलाई थाना छावनी जिला दुर्ग (छत्तीसगढ़) शामिल हैं।
तकनीक पर भरोसा, लेकिन पुलिस से नहीं बच पाए :-
जांच में सामने आया कि आरोपी पहले रिहायशी इलाकों में रेकी करते थे। इसके बाद दो आरोपी वाहन में बैठकर निगरानी करते, एक आरोपी वॉकी-टॉकी लेकर बाहर खड़ा रहता और दूसरा आरोपी घर के अंदर चोरी को अंजाम देता था। लेकिन तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को धर दबोचा।
24 घंटे में खुलासा, पुलिस टीम की अहम भूमिका :-
इस पूरे मामले के सफल खुलासे में बस्तर पुलिस की जांच टीम की सराहनीय भूमिका रही। कार्रवाई में निरीक्षक भोला सिंह राजपूत, शिवानंद सिंह, सुरेश जांगड़े, गौरव तिवारी एवं लीलाधर राठौर, उपनिरीक्षक अरुण मरकाम, छबिल टांडेकर, प्रमोद सिंह ठाकुर एवं ललित नेगी,सहायक उपनिरीक्षक लम्बोदर *कश्यप,प्रधान आरक्षक अजय साहू, विनोद चांदने, धनसिंह सोनवानी व धर्मेन्द्र कंवर,तथा आरक्षक रंगलाल खरे, महेन्द्र पटेल, महंगू कश्यप, लोकनाथ साहनी, शामदेव कश्यप, कृष्ण कुमार नेताम, तरुण यादव, धनेश्वर यादव, सोने कुमार, गौतम, प्रदीप कश्यप, हिमांशु यादव, हेमचंद मौर्य एवं बलराम राणा शामिल रहे।टीम ने सतर्कता, तकनीकी दक्षता और आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए महज 24 घंटे में अंतरराज्यीय चोरी गिरोह को पकड़ लिया। यह कार्रवाई बस्तर पुलिस की पेशेवर क्षमता और अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है।