छत्तीसगढ़ को शांति का टापू कहे जाने के पीछे क्या बेहतर पुलिसिंग है

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लेख :-रायपुर: छत्तीसगढ़ शांति का टापू कहे जाने वाले स्थल में अन्य राज्यों की अपेक्षा छत्तीसगढ़ में अपराध को लेकर काफी शांति का माहौल है। पुलिस की तारीफ नहीं कर रहे हैं हम, क्राइम को लेकर अन्य राज्यों को देखें तो आपको पता चलेगा की छ ग कैसा है,रात को भी लड़की सुरक्षित घर पहुंचते हैं, क्योंकि पुलिस गस्त ड्यूटी में तैनात होती है,लगता पेट्रोलिंग करता है,आरक्षक से टी आई लेबल अधिकारी गस्त ड्यूटी में तैनात होता है, अधिकारी गस्त चेकिंग ड्यूटी करते हैं।  छत्तीसगढ़ की पुलिसिंग पकड़ काफी बेहतरीन है, यह दो मत की बात नहीं है। राजधानी पुलिसिंग अपराध को लेकर पुलिस के कान चौकन्ने होते हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रायपुर पुलिस की तारीफ भी की थी कहा था कि अपराध पर जल्द ही अंकुश लगाने में पुलिस जवान तत्पर रहते हैं और अपराधियों को जल्द पकड़ने में कामयाब हुए हैं। वही पुलिस की बात कहे तो 24 घंटे पुलिस ड्यूटी में तैनात रहते हैं और उनकी घर किराया भत्ता पेट्रोल भत्ता को लेकर शोचनीय स्थिति है।  छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार ने पुलिस हॉस्पिटल और पुलिस स्कूल भी पुलिस परिवार और उनकी सुविधाओं के लिए खोला है। कोई भी विपत्ति या कोई परेशानी या दुख हो ,समय हर समय व्यक्ति पुलिस को याद करता है और पुलिस कि हेल्प मांगती है चाहे हॉस्पिटल हो या घर हो य रोड में हो, लड़ाई झगड़ा बीच बचाव में पुलिस ही है जो आगे चलकर ,अपने जान जोखिम में डालकर कर साथ खड़े होती है। छत्तीसगढ़ को शांति का टापू कहे जाने के पीछे बेहतर पुलिसिंग ही है। कई पुलिस घर परिवार से दूर रहकर ड्यूटी देते हैं ,ताकि उनकी सैलरी अपने परिवार को दे सके। महीने के आखरी में पुलिस के परिवार वाले  सेलरी की इंतजार करते रहते हैं,ताकि बच्चों की बधाई लिखाई, से लेकर घर के खर्चा के साथ बच्चो की शौक को कैसे मैनेज कर पाए। काफी दिक्कतों का सामना पुलिस परिवार करते भी हैं। लेकिन पुलिस तो पुलिस है जोश के साथ ड्रेस पहनकर तैनात रहता है 24 घंटे,और अपनी सेवा देता है ।

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