रायपुर : मांडवी हिड़मा और उसकी पत्नी राजे के मारे जाने की खबर आ रही है आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है । आंध्र प्रदेश पुलिस के एक अभियान में माडवी हिडमा और 5 अन्य माओवादियों को मार गिराया गया है. सुरक्षाबलों ने इसे अल्लूरी सीताराम राजू (ASR)जिले के मारेदुमिल्ली में मार गिराया है.








1981 में छत्तीसगढ़ के सुकमा के पुवर्ती इलाके में हिडमा का जन्म हुआ वह PLGA बटालियन नंबर 1 का प्रमुख बना था और सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति का सबसे कम उम्र का सदस्य रहा.
सीमावर्ती क्षेत्र से एक बेहद अहम सूचना सामने आ रही है।आधिकारिक पुष्टि और औपचारिक घोषणा की प्रतीक्षा है, पर शुरुआती संकेत बताते हैं कि यह कदम वामपंथी उग्रवाद के उन्मूलन में देश के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बन सकता है।
सूत्रों के अनुसार—कुख्यात माओवादी कमांडर मदवी हिड़मा (43) मारा गया हैहिड़मा, जो कम से कम 26 घातक हमलों के लिए ज़िम्मेदार था— जिनमें 2013 दरभा घाटी नरसंहार और 2017 सुकमा हमले शामिल हैं — लंबे समय से सुरक्षा बलों की निगरानी में था।मुख्य तथ्य: • जन्म: 1981, पूवर्ति, सुकमा (छत्तीसगढ़) • पद: पीएलजीए बटालियन नंबर 1 का प्रमुख — माओवादियों की सबसे घातक हमलावर इकाई। • वह CPI (माओवादी) की सेंट्रल कमेटी का सबसे युवा सदस्य था। • वह बस्तर क्षेत्र से सेंट्रल कमेटी में शामिल होने वाला एकमात्र आदिवासी था। • उसके सिर पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। • हिड़मा के साथ उसकी दूसरी पत्नी राजे (राजक्का) भी मारी गई। • असली नाम: संतोषमुख्य हमले जिनमें वह शामिल था: • 2010 दंतेवाड़ा हमला: 76 सीआरपीएफ जवान शहीद • 2013 झीरम घाटी नरसंहार: 27 लोग मारे गए, जिनमें शीर्ष कांग्रेसी नेता शामिल • 2021 सुकमा-बीजापुर मुठभेड़: 22 सुरक्षा कर्मी शहीद