रायपुर : 29मई 2025,स्वामीनाथन आयोग के सी 2 +50% लाभ के अनुरूप क़ृषि उपजों का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारण को ख़ारिज करते हुए केंद्र सरकार ने मूल्य निर्धारण करते हुए मामूली वृद्धि की हो जो एक बार फिर किसानों के साथ छलावा के आलावा कुछ नहीं है.
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत ) छत्तीसगढ़ के महासचिव तेजराम विद्रोही ने केन्द्र सरकार द्वारा धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य में तीन प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी को किसानों के साथ छलावा करार दिया है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने चौदह प्रकार क़ी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया है परन्तु धान को छोड़कर एमएसपी में खरीदने क़ी व्यवस्था नहीं होने से बढ़ी हुई दाम का लाभ किसानों को नहीं मिलने वाला है क्योंकि सरकार खरीदती नहीं है और खुले बाजार में एमएसपी पर खरीदी क़ी कोई कानूनी गारंटी नहीं है. केंद्र सरकार संयुक्त किसान मोर्चा से किये गए अपने लिखित वायदे से मुकर चुकी है.
तेजराम विद्रोही ने छत्तीसगढ़ के किसानों को बढ़ी हुई समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिलने पर कहा कि 2023-24 और 2024-25 में छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने किसानों से धान प्रति क्विंटल 3100 रूपये की दर से खरीदी किया है जिस कारण खरीफ वर्ष 2024-25 में केंद्र सरकार द्वारा धान पर 117 रूपये प्रति क्विंटल का दाम अब तक किसानों को नहीं मिला अब नया दर भी किसानों को मिलेगा या नहीं यह भी संशय है अगर छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के प्रति संवेदनशील है तो इस साल 3100+117+69= 3286 रूपये प्रति क्विंटल की दाम मिलना चाहिए.