महासमुंद : 16अप्रैल2025,पूर्व संसदीय सचिव व महासमुंद के पूर्व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ की साय सरकार पूरे प्रदेश को शराब का गढ़ बनाने की योजना पर काम कर रही है। बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी पर कोई सवाल ना उठा सके इसलिए सरकार यह नीति अपनाकर युवाओं को नशे गर्त में धकेल रही है। श्री चंद्राकर ने कहा कि आज किशोर उम्र से लेकर युवा, बड़े, बुजूर्ग हर वर्ग शराब के नशे में डूब चुकी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक देश में सबसे ज्यादा शराब की खपत छत्तीसगढ़ में हो रही है। शराब के कारण घरेलु हिंसा, मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म, चाकूबाजी, हत्या, बलात्कार, लूट जैसे वारदात प्रदेश में चरम पर है। गाँव से लेकर शहर तक गली-मोहल्लों में शराबियों के हुड़दंग से महिलाओं का घर से निकलना दुभर हो गया है। प्रदेश के इस भयावह स्थिति पर भाजपा के तमाम नेता, महिला मोर्चा की बहनें खामोश हैं। कांग्रेस सरकार के समय महिला मोर्चा की बहनों ने शराब बंदी की मांग को लेकर अनेक बड़े आंदोलन किए थे। भाजपा मोर्चा की इन बहनों को कांग्रेस शासन के समय शराब में बुराई नजर आती थी, अब जब प्रदेश में उन्हीं की सरकार है, शराबबंदी आसानी से वे करवा सकती हैं, लेकिन इस मामले को लेकर उनकी खामोशी केवल यही साबित करती है, कि शराबबंदी को लेकर जो अांदोलन उन्होंने की वह केवल एक राजनीतिक स्टंट था।
श्री चंद्राकर ने आगे कहा कि पूरे प्रदेश के प्रत्येक ग्रामों में अवैध शराब की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। अवैध बिक्री सरकार, जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के संरक्षण में हो रही है। सरकार की मंशा पूरे प्रदेश को शराब में डुबोने की है। पहले तो नई दुकानें खोली गई, जिससे शराब दुकानों में बढ़ोतरी हुई, इसके बाद छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 62 की उपधारा (2) में प्रदत्त शक्तियों का दुरुपयोग करते हुये वाणिज्य कर (आब.) / पांच (32), दिनांक 23.04.2013 में संशोधन करते हुये एफ.एल.5क के तहत अब नगण्य शुल्क लेकर आवेदकों को निजी भवन, फार्म हाउस, निजी कार्यक्रम, होटल, रेस्टोरेंट, शादी घर, इवेंट कंसर्ट, लाइव कार्यक्रम, संगीत, नृत्य कार्यक्रम, नव वर्ष समारोह, क्रिकेट मैच आदि अन्य कोई भी कार्यक्रम में शराब परोसी जा सकती है। इसका मतलब यह हुआ कि, हर जगह शराब बेचने, पिलाने की खुलेआम छूट सरकार दे रही है। इस तरह के खुलेआम शराब बिक्री एवं पिलाये जाने के छूट से प्रदेश का माहौल खराब होकर अपराध का गढ़ बन जायेगा। युवा वर्ग को सरकार नशे में जानबूझकर धकेलना चाहती है, जिससे युवा वर्ग को रोजगार न देना पड़े।
श्री चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस की पिछली सरकार में एक भी नई शराब दुकान नहीं खुली थी। फिर भी भाजपा के नेता एवं भाजपा महिला मोर्चा की बहनें लगातार शराब बिक्री के विरोध में हाथ में तख्तीयां लेकर आंदोलन कर रहे थे। अब जब इनकी सरकार है, नई शराब दुकानें खोलना एवं हर कार्यक्रम चाहे वो सामाजिक, सांस्कृतिक, लाइव कार्यक्रम यहां तक की शादी-ब्याह में भी शराब पीने-पिलाने की छूट दी जा रही है। तब ये पूर्व के आंदोलनकारी अब शराब के विरोध में बोलने से बच रहे हैं। पूर्ववर्ती सरकार में जो शराब के विरोध में आंदोलन कर रहे थे, अब वे भूमिगत हो गए हैं।