परिसीमन को 25 साल और आगे बढ़ाने का आग्रह

Chhattisgarh

Chennai :परिसीमन के मुद्दे पर आज विपक्षी पार्टियों के मुख्यमंत्रियों की चेन्नई में बैठक हुई. इस बैठक को ज्वाइंट एक्शन कमेटी (जेएसी) नाम दिया गया.

मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की ओर से शनिवार को बुलाई गई पहली संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) की बैठक में परिसीमन पर एक प्रस्ताव पास किया गया. इसमें सर्वसम्मति से केंद्र सरकार से परिसीमन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की गई और 1971 की जनगणना के आधार पर संसदीय क्षेत्रों की संख्या की सीमा को अगले 25 वर्षों के लिए बढ़ाने का आग्रह किया गया. यह भी तय किया गया कि मौजूदा संसद सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष मांगों पर दबाव डालने के लिए एक संयुक्त ज्ञापन प्रस्तुत करेंगे.

ज्वाइंट एक्शन कमेटी की बैठक में परिसीमन पर एक प्रस्ताव पारित किया गया. इस प्रस्ताव में मांग की गई है कि परिसीमन के मुद्दे पर सभी हितधारकों से लोकतांत्रिक तरीके से विस्तृत चर्चा हो. साथ ही 42वें, 84वें और 87वें को संविधान संशोधन को संरक्षित किया जाए, जिनमें जनसंख्या नियंत्रण के उपायों को लागू किया गया है ताकि देश की जनसंख्या को नियंत्रित रखा जा सके। जिन राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण किया है, उन्हें सजा नहीं दी जानी चाहिए.

इस बैठक का आयोजन तमिलनाडु सीएम एमके स्टालिन ने किया. स्टालिन ने साफ किया कि वे परिसीमन के मुद्दे पर कानूनी लड़ाई भी लड़ेंगे. ज्वाइंट एक्शन कमेटी की अगली बैठक हैदराबाद में होनी है. हालांकि अभी उसकी तारीख तय नहीं हुई है.

बैठक में कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, ओडिशा कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास और बीजू जनता दल के नेता संजय कुमार दास बर्मा सहित विभिन्न राजनीतिक नेता शामिल हुए. ममता बनर्जी ने बैठक में भाग नहीं लिया.

बैठक के दौरान केरल के सीएम पी विजयन ने कहा कि लोकसभा सीटों के परिसीमन का मुद्दा सिर पर लटकती तलवार जैसा है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने बिना किसी से चर्चा के परिसीमन के मुद्दे पर कदम बढ़ाया…

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