रायपुर : पूर्व कलेक्टर ओ पी चौधरी जो वर्तमान में छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री पद पर हैं।विधानसभा चुनाव में एक बार बुरी तरह से उमेश पटेल ने खरसिया विधानसभा सीट से उनको हराया था , जिसके बाद ओ पी चौधरी को खरसिया विधानसभा सीट से भागना पड़ा क्योंकि ओ पी चौधरी समझ गया था कि क्षेत्र की जनता ने उन्हें नकार दिया है। खरसिया विधानसभा सीट अगर फिर से चुनाव लड़े ओ पी चौधरी तो बुरी तरीके से क्षेत्र की जनता हराएगी। और यह बात भारतीय जनता पार्टी को मैसेज भी गया इसलिए खरसिया विधानसभा सीट से ओ पी चौधरी को हटा दिया और रायगढ़ विधानसभा में उतारा। खरसिया विधानसभा सीट अघरिया गण लोग बोलते हैं। ओ पी चौधरी भी अघरिया है,लेकिन अघरिया का आशीर्वाद ओ पी चौधरी को नहीं मिला।
सूत्रों के मुताबिक अघरिया लोग ओ पी चौधरी से नाराज चल रहे हैं।
दूसरी बार के विधानसभा चुनाव में उन्हें जब कलेक्टर थे तो उनके ऊपर भ्रष्टाचार का आरोप लगा था। कांग्रेस नेताओं ने भी आरोप लगाया था और आम आदमी पार्टी ने भी यह आरोप लगाया था। नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाए थे।
आम आदमी पार्टी ने आईएएस की नौकरी छोड़ भाजपा में शामिल हुए ओपी चौधरी पर जमीन घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया है। आप के प्रदेश प्रभारी और दिल्ली सरकार में मंत्री गोपाल राय ने कहा कि ओपी चौधरी ने दंतेवाड़ा कलेक्टर रहते हुए सरकारी जमीन और निजी जमीन की अदला-बदली करके करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार किया पर सरकार ने उसे दबा दिया। राय ने घोटाले से जुड़े कागजात भी मीडिया के सामने सार्वजनिक किए।
केले की खेती करने के शौकीन क्यों हैं ओ पी
सूटों के मुताबिक मंत्री ओ पी चौधरी केला का खेती करने के पीछे ज्योतिष कारण भी बताते हैं जानकार लोग कहते हैं कि मंत्री बनने के पहले ज्योतिष के पास अपने उम्मीदों को लेकर गए थे ओ पी चौधरी, और वह उम्मीद केले के पेड़ की सेवा करके पूरी होने में संयोग हुआ।
अब तो वित्त मंत्री ओ पी चौधरी
अब करीबन साल से ऊपर हुआ वित्त मंत्री के पद पर ओ पी चौधरी को । विपक्ष तो बोलते हैं कि छत्तीसगढ़ को मंत्री ओ पी चौधरी चल रहे हैं। कुछ मंत्रियों के विभागों को छोड़कर सभी का विभाग उनके अनुसार ही काम होता है । क्या कर रहे हैं ओ पी चौधरी सबकी नजर टिकी है। उनके पी ए हैं दुर्गेश वह भी काफी प्रोग्रेस पर हैं। उनके बारे में बहुत सारे बात सुनने को मिल रही है।