रायपुर। हाईब्रिड बीज खरीदी के मामले में विधानसभा की जांच समिति की पहली बैठक में बीज निगम के अफसरों ने इससे संबंधित दास्तावेज समिति को नहीं सौंपे। समिति ने अफसरों को अगली बैठक में सारे दास्तावेज पेश करने कहा। बीज निगम को मक्का की हाईब्रिड बीज त्रिमुर्ति प्लांट साइंस कंपनी के द्वारा सप्लाई की गई थी। बीज के हाईब्रिड नहीं पाए जाने पर कंपनी को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया। कंपनी को ब्लैक लिस्टेड करने के बाद 2.61 करोड़ का भुगतान बीज निगम ने कर दिया। मामला विधानसभा में प्रमुखता से उठा और इस पर समिति से जांच कराने की घोषणा हुई।
मंगलवार को विधानसभा समिति के अध्यक्ष धनेंद्र साहू की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। लखेश्वर बघेल, श्रीमती संगीता सिन्हा, नारायण चंदेल, और साैरभ सिंह समिति में शामिल हैं। समिति की पहली बैठक जांच की घोषणा के तीन माह बाद हो रही है। छत्तीसगढ़ विधानसभा की समिति ने मक्का बीज घोटाले से संबंधित सभी तथ्यों और दास्तावेजों सहित बीज निगम के अफसरों को समिति के समक्ष प्रस्तुत होने कहा था। समिति के समक्ष दिए गए दस्तावेजों में कई जानकारी नहीं दी गई। समिति को इससे यह लगा कि जानबूझकर जानकारी छिपाई जा रही है। जांच समिति ने पाया कि आधी अधूरी जानकारी से मामले की तह तक नहीं पहुंचा जा सकता। मामले में बीज निगम पूरी तरह से फंसता नजर आ रहा है।