रायपुर। रेलबंदी से होने से छत्तीसगढ़ की राजनीति भड़कनजर आ रही है। दरअसल रेलवे ने छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 23 यात्री ट्रेनों को एक महीने के लिए रद्द कर दिया है। जिसके मद्देनजर कांग्रेस ने इसका तीखा विरोध शुरू किया है।
गौरतलब है कि आज प्रदेश कांग्रेस मंगलवार को DRM के रायपुर स्थित कार्यालय का घेराव किया। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम की अगुवाई में कार्यकर्ता 12 बजे से धीरे-धीरे DRM कार्यलय -दफ्तर के बाहर घेराव करने जमा हो गए। फिर वह जमकर प्रदर्शन कर बाद में रेलवे अफसरों को ज्ञापन सौंपा
इस प्रदर्शन में मोहन मरकाम छत्तीसगढ़ी से अध्यक्ष विधायक कुलदीप जुनेजा , विधायक विकास उपाध्याय, गिरीश दुबे रायपुर जिला अध्यक्ष कांग्रेस,सुशीला शुक्ला मीडिया प्रमुख, सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला का कहा है की राज्य से 23 ट्रेनों के परिचालन रद्द किए जाने से एक बार फिर से यह साबित हो गया कि नरेन्द्र मोदी से देश नहीं संभल रहा है। वे न तो कोल इंडिया बचा पा रहे, न रेलवे। सुधार कार्य और मेंटेनेंस के नाम पर ट्रेनों को रद्द करना एक बहाना है।
जिसे यात्री परेशान हो रहे यात्रियों के साथ छलावा किया जा रहा है
दरअसल मोदी सरकार ने ट्रेनों को परिचालन कोयला संकट के कारण रद्द किया है। स्वयं रायपुर के सांसद सुनील सोनी ने यह स्वीकार किया है कि यदि ट्रेनों को रद्द नहीं किया गया तो 7 से 8 राज्यों में बिजली संकट के कारण ब्लैक आउट की स्थिति पैदा हो जाएगी।
वही उन्होंने बताया कि रेलवे ने अब तक राज्य की 109 ट्रेनों को बंद कर दिया है। 87 ट्रेनों को पिछले कोरोना के नाम से दो साल से बंद किया गया। 22 ट्रेनों को अब रद्द कर दिया गया है। ट्रेनों के बंद किए जाने से रेलवे से जुड़ कर जीविकोपार्जन करने वाले लोग भी परेशान है।