इसे सहेजने, संवारने और देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करने की जरूरत : सीएम भूपेश बघेल

Uncategorized

रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, हर युग, हर काल में छत्तीसगढ़ का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। त्रेता युग में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम छत्तीसगढ़ आए थे। बौद्धकाल का सबसे बड़ा स्मारक छत्तीसगढ़ के सिरपुर में है। देश के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भी हमारे यहां शहीद गुंडाधूर, शहीद गेंदसिंह, शहीद वीरनारायण सिंह जैसे सेनानी सन 1857 के पहले हुए, जिनकी शौर्य गाथा हमें गौरवान्वित करती है। चाहे वह लेखन या साहित्य का क्षेत्र हो, छत्तीसगढ़ का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। छत्तीसगढ़ में पहली कहानी और उपन्यास की रचना की गई। छत्तीसगढ़ के योगदान को आज देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत करने की जरूरत है। त्रेता युग से लेकर आधुनिक काल तक छत्तीसगढ़ का गौरवशाली योगदान और इतिहास रहा है, जरूरत इसे सहेजने, संवारने और देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करने की है।
मुख्यमंत्री रामनवमी के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित दूधाधारी मठ पहुंचकर वहां मंदिर प्रांगण में स्थित राम पंचायतन मंदिर, संकट मोचन भगवान हनुमान, भगवान बालाजी के मंदिरों में मंत्रोच्चार, शंख ध्वनि के बीच विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग के अध्यक्ष महंत रामसुंदर दास, छत्तीसगढ़ राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष थानेश्वर साहू उपस्थित थे। यहां से चंदखुरी रवाना होने से पूर्व पत्रकारों से चर्चा में उन्होंने कहा कि भगवान राम ने छत्तीसगढ़ में वनवास के दौरान अधिक समय बिताया था। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या का निवास स्थल है। यहां पर देश में उनका एकमात्र मंदिर चंदखुरी में है। भगवान राम छत्तीसगढ़ के भांजे हैं, इस नाते उनके उन 9 स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर रहे हैं।
राम वन पथगमन पर्यटन परिपथ का विकास
उन्होंने कहा, भगवान राम ने अपने वनवास काल का सबसे अधिक समय छत्तीसगढ़ में बिताया था, इसलिए भगवान राम छत्तीसगढ़ में जहां-जहां से गुजरे थे, प्रथम चरण में उनमें से महत्वपूर्ण स्थलों का चयन कर उनका विकास राम वनगमन पर्यटन परिपथ के अंतर्गत किया जा रहा है। बीते वर्ष हमने चंदखुरी में कौशल्या माता मंदिर के जीर्णाेद्धार और सौंदर्यीकरण कार्य का तथा पर्यटकों के लिए विकसित की गई सुविधाओं का भव्य कार्यक्रम में लोकार्पण किया था। रामनवमीं के अवसर पर छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध तीर्थ शिवरीनारायण में इस पर्यटन परिपथ के तहत मंदिर के जीर्णाेद्धार और विकास कार्यों, पर्यटकों के लिए विकसित सुविधाओं का लोकार्पण किया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *