36 वर्षों से कांवरियों की सेवा का महायज्ञ: बाबा वैद्यनाथ धाम पथ पर विधायक डॉ. संपत अग्रवाल का सेवा शिविर बना आस्था का केंद्र

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देवघर/झाझा। श्रावण मास में बाबा वैद्यनाथ धाम की ओर उमड़ रहे लाखों शिवभक्तों के बीच झाझा-सूइयां मार्ग पर 36 वर्षों से लगातार संचालित ‘नीलांचल सेवा समिति, बसना’ का विशाल निःशुल्क कांवरिया सेवा शिविर श्रद्धालुओं के लिए आस्था, सेवा और समर्पण का प्रतीक बन गया है।

बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल के संरक्षण तथा मारवाड़ी युवा मंच, शाखा-झाझा के सहयोग से संचालित यह शिविर हजारों कांवरियों को चौबीसों घंटे भोजन, विश्राम, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है।बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने कहा कि “नर सेवा ही नारायण सेवा है। बाबा भोलेनाथ के दर्शन के लिए कठिन पदयात्रा कर रहे शिवभक्तों की सेवा करना हमारे लिए सौभाग्य और ईश्वर की कृपा है।” उन्होंने बताया कि पिछले 36 वर्षों से यह सेवा बिना किसी व्यवधान के निरंतर जारी है और हर वर्ष हजारों श्रद्धालु इसका लाभ उठाते हैं।

इसी सेवा परंपरा का अवलोकन करने महासमुंद आर्थिक प्रकोष्ठ के जिला संयोजक सुमित अग्रवाल अपने अनुज किशन अग्रवाल एवं सहयोगियों के साथ बाबा वैद्यनाथ धाम पहुंचे। पिछले 15 वर्षों से लगातार सावन यात्रा कर रहे सुमित अग्रवाल ने सेवा शिविर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की सराहना की और कहा कि विधायक डॉ. संपत अग्रवाल द्वारा किया जा रहा यह कार्य केवल सेवा नहीं, बल्कि मानवता की मिसाल है।

सुमित अग्रवाल ने बताया कि पूरे श्रावण माह तक चलने वाले इस शिविर में कांवरियों के लिए 24 घंटे सात्विक महाप्रसाद, जलपान, हवादार डोम-पंडालों में गद्देदार विश्राम व्यवस्था, चिकित्सकीय सेवा, निःशुल्क दवाइयां, गर्म पानी से सिकाई, फुट मसाज, स्वच्छ शौचालय, स्नान की सुविधा तथा भजन-कीर्तन की व्यवस्था की गई है। कठिन यात्रा से थके श्रद्धालुओं के लिए यह शिविर किसी वरदान से कम नहीं है।उन्होंने कहा कि सुल्तानगंज से देवघर तक 105 किलोमीटर की कठिन पदयात्रा में झाझा-सूइयां का पहाड़ी मार्ग सबसे चुनौतीपूर्ण माना जाता है। ऐसे दुर्गम रास्ते पर सेवा शिविर का संचालन हजारों शिवभक्तों को नई ऊर्जा और राहत प्रदान कर रहा है।शिविर में ठहरे श्रद्धालुओं ने भी व्यवस्थाओं की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां मिलने वाला अपनापन, सात्विक भोजन और चिकित्सा सुविधा यात्रा की सारी थकान दूर कर देती है।

पूरे परिसर में ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के बीच स्वयंसेवक पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ शिवभक्तों की सेवा में जुटे हुए हैं।लगातार 36 वर्षों से संचालित यह सेवा शिविर आज केवल एक पड़ाव नहीं, बल्कि बाबा वैद्यनाथ धाम की यात्रा करने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए आस्था, सेवा और मानवता का जीवंत प्रतीक बन चुका है।:::यदि चाहें, मैं इसे दैनिक भास्कर, नवभारत, हरिभूमि या TOI की समाचार शैली में भी तैयार कर सकता हूँ।

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