राजस्व विभाग के 32 जिलों तथा 5 संभागायुक्त कार्यालयों में अधीक्षक के पद रिक्त-वन टाइम शिथीलीकरण राजस्व विभाग में भी लागू हो

Chhattisgarh

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद अनेक संवर्गो को पदोन्नति नियम में संशोधन करते हुए न्यूनतम् अर्हतादायी 5 वर्षीय सेवा की अनिवार्यता को शिथिल कर समय-समय पर राज्य सरकार ने पदोन्नति प्रदान की है। वर्तमान् में शिक्षको तथा नायब तहसीलदारों को वन टाइम रिलेक्सेशन देने का निर्णय कर विधिवत् राजपत्र में शासन की अधिसूचना प्रकाशित करने के कारण शिक्षकों का पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त हो गया है। वहीं नायब तहसीलदारों को गत् वर्ष शिथिलीकरण कर तहसीलदार के पद पर पदोन्नति प्रदान की गई थीं। दोनों ही पदोन्नति का मुख्य आधार पदोन्नत् पर की रिक्तता व उपलब्धता है। छत्तीसगढ़ राज्य के रीढ़ की हड्डी व प्रशासनिक व्यवस्था का मुख्य आधार राजस्व विभाग में कार्यालय अधीक्षक के जिलों के कलेक्टर कार्यालयों में सभी 32 जिलों में तथा संभागायुक्त कार्यालयों में 5 संभागों में अधीक्षक के पद रिक्त है।

छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संध के प्रांताध्यक्ष विजय कुमार झा एवं जिला शाखा अध्यक्ष इदरीश खाॅन ने बताया है कि प्रदेश में केन्द्र व राज्य सरकार की योजनाओं व नीतियों को अमलीजामा पहनाने में राजस्व विभाग के कलेक्टर कार्यालयों तथा संभागायुक्त कार्यालयों के अधीक्षकों की महती भूमिका होती है। प्रशासनिक व्यवस्था, निर्वाचन, कार्यालयों में सामजस्य स्थापित करने, अधिनस्थ कर्मचारियों को समुचित मार्गदर्शन देने, पदोन्नति, क्रमोन्नति, वेतन देयकों के तैयार करने जैसे समस्त कार्यो तथा समस्त नस्तियां उच्च अधिकारियों को प्रेषित करने के पूर्व उसका परीक्षण कर उन्हीं के माध्यम से निर्णयार्थ भेजी जाती है। प्रतिदिन केन्द्र सरकार, राज्य सरकार, उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालयों से प्राप्त होने वाले हजारों की संख्या में महत्वपूर्ण डाकों का परीक्षण कर संबंधितों को आवश्यक कार्यवाही किए जाने हेतु अग्रेषित् करने की महती जिम्मेदारी होती है। देश व प्रदेश में विगत् 2 वर्षो से कोविड-19 काप्रकोप, बाढ प्राकृतिक अपदा जैसी गंभीर धटनाओं व मृत्यु दर मेंवृद्वि के बाद भी छत्तीसगढ़ शासन राजस्व विभाग अधीक्षकों के पद को रिक्त रखकर सहायक अधीक्षकों व अन्य विभाग के अधिकारियों, 2-4 वर्ष पूर्व सेवा निवृत्त अधीक्षकों को संविदा नियुक्ति प्रदान कर काम चलाउ सरकार चलाई जा रही है। जिलों व संभागों में कार्यरत् योग्य सहायक अधीक्षको को पदोन्नति से वंचित रखा गया है। इसका परिणाम है कि धान खरीदी, खरीदी केन्द्रों के रखरखाव कोरोना में दिवंगतों को देय 50 हजार रूपये अनुदान राशि भुगतान जैसे महत्वपूर्ण शासकीय प्राथमिकता वाले कार्यो पर विपरित प्रभाव पड़ रहा है। राज्य शासन के मंत्रालय स्थित अलग-अलग विभागों में अलग अलग नियमों के तहत कार्यवाही हो रही है। जबकि सभी विभागों का प्रमुख सामान्य प्रशासन विभाग होता है। प्रदेश के पृथक राज्य व छोटा राज्य बनने के बाद कार्यबोध व नवीन जिला तहसील विकासखण्डों की स्थापना को दृष्टिगत् रखते हुए प्रत्येक अनुविभाग स्तर पर एक सहायक अधीक्षक का पद भी स्वीकृत किये जाने की मांग संध के कार्यकारी अध्यक्ष अजय तिवारी, महामंत्री उमेश मुदलियार, प्रांतीय सचिव अमर मुदलियार, संभागीय अध्यक्ष संजय शर्मा, प्रांतीय उपाध्यक्ष विश्वनाथ ध्रुव, प्रांतीय कोषाध्यक्ष रविराज पिल्ले, विमल चंद्र कुण्डू, सुरेन्द्र त्रिपाठी, रामचंद्र ताण्डी, श्रीमती शशि मरकाम, मनोहर लोचनम, सी.एल.दुबे, सरजू प्रसाद यदु, प्रदीप उपाध्याय, भजन बाध, शेखर सिंह ठाकुर, जेड हैदरी, शशीम तिवारी, के.आर.वर्मा आदि नेताओं ने मुख्यमंत्री भूपेश बधेल से जिला तहसील अनुविभाग की धोषणा की भाॅति इन कार्यालयों में वन टाइम रिलेक्शेसन प्रदान कर प्रदेश में रिक्त अधीक्षकों के पद पर सहायक अधीक्षकों को पदोन्नति प्रदान करने का निर्णय लिए जाने की मांग की है।

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