नारायणपुर को बनाया जाएगा तम्बाकू मुक्त जिला

Chhattisgarh

नारायणपुर 16 अक्टूबर। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) के तहत तंबाकू सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता लाने के लिए जिले में व्यापक रूप से तैयारी की जा रही है। इसके लिये स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक दिवसीय राज्य स्तरीय अंतर विभागीय ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया । जिसमें जिले के 13 विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण में अक्टूबर माह के अंत तक कोटपाएक्ट 2003 के नियमों को सख्ती से लागू करने पर चर्चा की गई।

राष्ट्रीय तम्बाकू मुक्त कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. प्रशांत गिरी ने बताया, “नारायणपुर के सभी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों को धूम्रपान मुक्त करने हेतु कार्ययोजना बनाई गई है। इसके लिये आयोजित प्रशिक्षण में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। जिले में कोटपा एक्ट 2003 को सख्ती से लागू करने, साथ ही कोटपा एक्ट की धारा 4 व धारा 6 के तहत नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानों पर चालानी कार्यवाही करने की भी जानकारी दी गयी। जिसमें जिले को तम्बाकू व तम्बाकू जनित उत्पाद से मुक्त बनाने को सभी विभागीय अधिकारियों ने अपनी सहमति जाहिर की। उन्होंने बताया, तंबाकू मुक्त जिला बनाने के पीछे का प्रमुख कारण लोगों में तंबाकू से होने वाले मानव शरीर में दुष्प्रभाव व दर्दनाक मौत को प्रभावकारी तरीके से रोकना है। तंबाकू उत्पाद का विक्रय 18 वर्ष से कम उम्र, किशोरावस्था में पहुंचे लोगों को नहीं करना है। शिक्षण संस्थान, शासकीय कार्यालयों से सौ गज में तंबाकू उत्पाद का विक्रय न हो इसका भी ध्यान रखा जाएगा। तंबाकू से जुड़े उत्पादों के सेवन के पहले मन में यह बात भी आनी चाहिए कि पांच-दस रुपये का सिगरेट तंबाकू उनके स्वास्थ्य के लिए भारी पड़ सकता है। अगर किसी को इसकी आदत है तो इसे छुड़ाने में भी स्वास्थ्य अमला मदद करने तैयार है।”

कोटपा एक्ट के तहत हैं यह प्रावधान
▪ सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान अपराध है।
▪ सार्वजनिक स्थानों के प्रभारी/मालिक हर प्रवेश द्वार एवं हर मंजिल पर 60*30 का बोर्ड जरूर लगाएं।
▪ बोर्ड 15 सेमी. व्यास का होगा। इसमें काले धुएं के साथ सिगरेट एवं बीड़ी का चित्र होना चाहिए।
▪ बोर्ड के नीचे प्रभारी या मालिक का नाम व मोबाइल नंबर भी लिखना चाहिए, जिससे उससे इसकी शिकायत की जा सके।
▪ सार्वजनिक स्थानों पर सिगरेट, लाइटर एवं बीड़ी सिगरेट जलाने के लिए माचिस या अन्य उपकरण, ऐश ट्रे आदि न उपलब्ध कराया जाए।
▪ उक्त नियमों का उल्लंघन करने पर 200 रुपए का जुर्माना हो सकता है।

इन नियमों का उल्लंघन करना है अपराध
▪ 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति द्वारा तम्बाकू पदार्थ बेचना अपराध है।
▪ 18 वर्ष से कम आयु वर्ग को तंबाकू पदार्थ बेचना अपराध है।
▪ तंबाकू पदार्थ की बिक्री जिस स्थान पर हो वहां कोई नाबालिग दिखाई न दे।
▪ बिक्री की जगह पर एक बोर्ड लगाना अनिवार्य है।
▪ शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू पदार्थ बेचना अपराध है।

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