राजिम माघी पुन्नी मेला का विधिवत शुभारंभ, डॉ. चरणदास महंत व ताम्रध्वज साहू की अध्यक्षता में

Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ : रायपुर, 19 फरवरी राजिम के पवित्र त्रिवेणी संगम पर राजिम माघी पुन्नी मेला का आज शाम विधिवत शुभारंभ छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत के मुख्य आतिथ्य एवं धर्मस्व मंत्री ताम्रध्वज साहू की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर महापीठाधीश्वर रामकृष्णानंद महाराज, साधु-संत और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। गरियाबंद जिले के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल राजिम में लगने वाला यह मेला 15 दिनों तक चलेगा।

शुभारंभ समारोह को सम्बोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. महंत ने कहा कि राजिम के मूल स्वरूप को वापस लाया जायेगा। सैकड़ों वर्ष से राजिम में मेला का आयोजन होता था। छत्तीसगढ़ शासन की मूलभावना के अनुरूप संस्कृति परंपरा और आध्यात्म को पुनर्स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य शांति, प्रेम, सद्भाव का क्षेत्र बने यही हमारी कामना है। डॉ. महंत ने कहा कि राज्य में अपार खनिज संसाधन है। इसका उपयोग गरीब लोगों की भलाई के लिए किया जाएगा। राज्य के अन्नदाता व माटीपुत्रों को खुशहाली मिले यही सरकार की कामना है। इसके पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं मंत्रीगण राजीव लोचन मंदिर का दर्शन कर राज्य की समृद्धि के लिए पूजा अर्चना कर कामना की एवं महानदी आरती में शामिल हुए। शुभारंभ अवसर पर पूर्व विधायक  गुरूमुख सिंह होरा, लेखराम साहू एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

संस्कृति मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि यह नई सरकार का पहला आयोजन है जिसे भविष्य में और बेहतर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आमजनों के सुझाव का स्वागत है। मंत्री साहू ने बताया कि राजिम मेला में छत्तीसगढ़ की संस्कृति को आगे बढ़ाया जाएगा। यहां के स्थानीय कलाकारों और खेलविधाओं को पर्याप्त स्थान दिया जाएगा । उन्होंने बताया कि 26 फरवरी को जानकी जयंती के अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं विधानसभा के सभी सदस्यगण राजिम पहुंचेंगे। श्री साहू ने यह भी कहा कि महानदी में 12 माह पानी रहे इसके लिए प्रयास किया जाएगा। साथ ही आगंतुकों के ठहरने के लिए धर्मशाला निर्माण की सार्थक पहल की जाएगी। कार्यक्रम को अभनपुर विधायक धनेंद्र साहू ने संबोधित करते हुए कहा कि राजिम मेला के पुराने गौरव वापस लाया जाएगा। छत्तीसगढ़ राज्य की तरक्की और उन्नति के लिए सब मिलकर कार्य करेंगे। उन्होंने बताया कि मध्य भारत का राजिम सबसे बड़ा तीर्थ स्थल है। विधानसभा क्षेत्र राजिम के विधायक अमितेष शुक्ल और विधानसभा क्षेत्र सिहावा विधायक डॉ. लक्ष्मी धु्रव ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में रायपुर संभाग के कमिश्नर जीआर चुरेंद्र, पर्यटन मण्डल के प्रबंध संचालक एम.टी. नंदी, संस्कृति विभाग के संचालक चंद्रकांत उइके, रायपुर, धमतरी एवं गरियाबंद के कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *