एपिडेमियोलॉजिस्ट का कारनामा..जीवित इंसान को किया मृत घोषित..कमिश्नर ने दिया जांच का आदेश

Madhyapradesh

अरुण गुप्ता : सीधी : जिम्मेदार अधिकारियों की हीलाहवाली से स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी बेलगाम हो गए हैं जहां नित्य नए लापरवाही के कारनामे उजागर होते हैं लेकिन प्रशासन के द्वारा इन पर कोई भी कार्रवाई नहीं की जाती है जिन का मनोबल बढ़ता रहता है हाल ही में रेमडेसीविर इंजेक्शन का सप्लाई कर रही नर्स जयललिता सिंह के ऊपर कार्रवाई नहीं हुई है नतीजा यह है कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का दूसरी बड़ी लापरवाही सामने आई है अभी तक स्वास्थ्य विभाग के ऊपर कोरोना से हुई मौतों का आकड़ा छुपाने का आरोप लगा है कोरोना से हुई मौतों की संख्या 200 के पार है लेकिन सरकारी आंकड़े में केवल 87 कोरोनावायरस के संक्रमण से मौत हुई है वही हैरानी और शर्मनाक यह है कि इनकी लापरवाही यही नहीं रुकी बल्कि इन्होंने जिंदा इंसान को भी मृत घोषित कर दिया है जहां मृत घोषित किए गए व्यक्ति जीवित होने का सर्टिफिकेट लेकर प्रमाण दे रहे हैं कि साहब हम जिंदा हैं स्वास्थ्य विभाग का कारनामा आगे और हैरान करने वाला है जहां एपिडेमियोलॉजिस्ट माधव पांडे के द्वारा जिंदा इंसानों को सरकारी आंकड़ों में दफन कर दिया है। कोरोनावायरस के संक्रमण से हुई मौतों पर नेगेटिव बताया जा रहा है लेकिन जो जिंदा है उनको कोरोनावायरस के संक्रमण से हुई मौत की पुष्टि कर रहा है पूरे मामले को लेकर कमिश्नर रीवा संभाग रीवा ने कलेक्टर को जांच कर कार्रवाई का आदेश दिए हैं।

*ऐसे हुआ खुलासा*

स्वास्थ्य विभाग के एपिडेमियोलॉजिस्ट माधव पांडे के द्वारा जारी की गई सूची सोशल मीडिया में वायरल हो गई जहां कोतवाली थाना अंतर्गत गाड़ा बबन सिंह निवासी अमित सिंह के मोबाइल पर फोन किया कि आप मर चुके हैं तो फिर यहां जिंदा कैसे घूम रहे हैं इतना सुनते ही पीड़ित अमित सिंह का माथा चकरा गया और उन्होंने बताया कि भाई मैं जिंदा हूं। वहीं उन्होंने कलेक्टर को शिकायती पत्र देकर दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।

*इनको किया मृत घोषित*

रामनाथ शर्मा पिता संपत शर्मा निवासी जोगीपुर को सरकारी आंकड़ों में 4-5 -2021 को क्वॉरेंटाइन तथा 8-5 -21 को सरकारी आंकड़ों में मृत घोषित कर दिया गया है जब कि यह व्यक्ति जिंदा है और स्वस्थ है दूसरे नंबर पर संजय सिंह पिता जमुना सिंह निवासी गाडा 6-5- 2021 को क्वॉरेंटाइन बताया गया है तथा 5 दिन बाद इनकी मौत दिखाया गया है जबकि यह जिंदा है इसी तरह अनुज सिंह पिता धीरेंद्र सिंह निवासी गाड़ा बबन सिंह अमित सिंह निवासी गाढ़ा बबन सिंह संजू केवट पिता लालमणि केवट निवासी गाड़ा लोलर सिंह अभिषेक सिंह पिता शिव कुमार सिंह निवासी गाना पवन सिंह यह सभी जीवित व्यक्तियों को मृत घोषित किया गया है।

*इनका कहना है*

पूरे मामले की जानकारी मुझे आपके द्वारा प्राप्त हुई है मैं सीधी कलेक्टर को जांच के लिए निर्देशित करता हूं कि इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई है वही लापरवाह कर्मचारी पर कार्रवाई की जाएगी।

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