रायपुर/12 अप्रैल/भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कोरोना की भयावह स्थिति को देखते हुए कहा कि कोरोना नियंत्रण हेतु अखिल भारतीय सेवा के आई.ए.एस., आई.पी.एस., आई.एफ.एस. एवं अन्य सभी वरिष्ठ अधिकारियों को व मंत्रालय, सचिवालय, डायरेक्टर को कोरोना नियंत्रण एवं देखरेख (माॅनिटरिंग) में लगाने के लिए मुख्यमंत्री से आग्रह किया है।
अग्रवाल ने कहा कि निजी एवं शासकीय अस्पतालों में भी 75 प्रतिशत बिस्तर की व्यवस्था कोविड मरीज के लिए एवं 25 प्रतिशत सामान्य गंभीर मरीजों के लिए आरक्षित किया जाए तथा अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था करें एवं सभी हॉस्पिटल व जिलों में कोरोना के लिए जीवन रक्षक इंजेक्शन रेमडेसिवीर उपलब्ध करवाये। आर.टी. पी.सी.आर., इंटीजन एवं रेपिड टेस्ट की रिपोर्ट भी तुरंत उपलब्ध करवाये की ब्यवस्था कराया जावे ताकि पीड़ित व्यक्ति रिपोर्ट के इंतजार में घुमघुमकर कोविड का वाहक न बने। जिससे संक्रमित मरीजों का ईलाज तुरंत प्रारंभ हो सके। रिपोर्ट 4-5 दिन लेट आने के कारण मरीज गंभीर स्थिति पहुंच रहा है और आॅक्सीजन एवं वेंटिलेटर की आवश्यकता पड़ने पर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है।
अग्रवाल ने कहा कि आईएएस, आईपीएस, आईएफएस व अन्य व अधिकारियों को भी कोविड की व्यवस्था को सुचारू बनाये रखने हेतु काम मे लगाए जाने की आवश्यकता प्रतीत हो रहा है, क्योंकि वर्तमान में व्यवस्थाओं की देखरेख करने हेतु अधिकारियों की कमी के कारण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है । पूरे छत्तीसगढ़ में भय एवं डर का वातावरण निर्मित हो रहा है। व्यवस्था में लगे हुए स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य विभागों के कर्मचारियोंध्अधिकारियों के लिए भोजन एवं पानी तथा अन्य सामाग्रियों की व्यवस्था पर्याप्त मात्रा में नहीं होने के कारण वे पूरी क्षमता से कार्य नहीं कर पा रहे हैं।
होम आईसोलेशन के मरीजों को भी पर्याप्त मार्गदर्शन एवं दवाईयों की व्यवस्था नहीं होने कारण गंभीर स्थिति वाले मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने हेतु एंबुलेन्स एवं वाहनों की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इसके लिए सरकारी वाहनों एवं निजी वाहनों को किराये पर लेकर एंबुलेन्स के रूप में उन वाहनों का उपयोग किये जाने हेतु निर्देश दिया जाना उचित होगा।
कोविड से मृत्यु होने वाले शवो का 3-4 दिनों तक अंतिम संस्कार एवं पर्याप्त सम्मान नहीं मिलने के कारण परिवार के सदस्यों में नाराजगी एवं आक्रोश व्याप्त हो रहा है। इसके लिए भी पर्याप्त व्यवस्था करने हेतु निर्देश देवे, आवश्यक हो तो शहर के आउटर में बड़े-बड़े मैदानों खाली जगहों को घेरकर एवं सामाजिक संस्थाओं का सहयोग लेकर अस्थाई अत्येंष्ठी स्थल बनाये जाने की भी आवश्यकता प्रतीत हो रहा है।
यह समय राजनीतिक आरोप प्रत्यारोप का नहीं है हम सब मिलकर जनता के दुख एवं तकलीफ को दूर करने हेतु एकजुटता के साथ में काम करें यह ज्यादा आवश्यक है। सभी समाजसेवी संस्थाये एवं सेवा भावी लोगो से इस बात का आग्रह किया है कि संकट की इस घड़ी मे सेवा करने सामने आए। हम हर प्रकार के व्यवस्था में सहयोग करने हेतु तैयार है।