पिपल्या जौधा : जहरीली शराब के पीने से उज्जैन मैं गरीबों की मोत हुई उसके बाद ही ये हाथ भट्टीयो कि शराब चलन में आई या पहले भी ईस शराब का कारोबार चालु था ?
आगर पहले से यह शराब बाजार में बिक रही थी तब पुलिस व प्रशासन क्यु सोया हुआ था आज तो हर थाने की पुलिस अवैध शराब पकड़कर फोटो खिचवा कर वाहवाही लुटने मैं लगी है अगर हाथ भट्टी कि शराब का खेल पहले से चल रहा था तो या तो पुलिस प्रशासन ईनको श्रेय दे रहा था या फिर लाल गुलाबी का खेल चरम पर था अगर पुलिस पहले से ही ईन शराब कि भट्टीयो पर कार्रवाई करती तो आज शराब पकड़ कर फोटो शुट करने का ढोंग नहीं करना कड़ता आज तो हर थाने की पुलिस अवैध शराब पकड़ कर उच्च अधिकारियों की नजर मैं क्रेडिट हासिल करने में लगी है।