छत्तीसगढ़ : रायपुर 24 दिसंबर 2018।विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत के बाद कांग्रेस ने कहा है कि अब बारी लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराने की है। भाजपा द्वारा स्मरण यात्रा निकाले जाने की खबरों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये प्रदेश कांग्रेस महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा के किसान हितैषी बनने के स्वांग की असलियत सबको पता है। जब भाजपा सरकार में थी तब जनता को भूल गयी थी। जनता जनार्दन ने जब भाजपा को विधानसभा चुनावों में करारी हार देकर सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया तब भाजपा को जनता की और किसानों की याद आ रही है।
प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपाई कितना भी किसानों का हितैषी बनने की नौटंकी कर ले इतनी जल्दी जनता भाजपा सरकार की वायदा खिलाफी, कुशासन, भष्टाचार और सत्ता में अहंकार को नहीं भूलने वाली है। छत्तीसगढ़ की जनता अभी तक नहीं भूली है कि कैसे आम आदमी को अपने रोजमर्रा के छोटे-छोटे कामों के लिये सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ता था। जनता को यह भी याद है कैसे तहसील ऑफिस से लेकर मंत्रालय तक कमीशनखोरी, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक आतंकवाद और अराजकता का माहौल भाजपा राज में बना हुआ था। भाजपा यह न समझे कि छत्तीसगढ़ के किसान धान के बोनस, समर्थन मूल्य पर भाजपा की वायदा खिलाफी को भूल गये हैं।
प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की जनता ने भाजपा की रमन सरकार के 15 वर्षो के कुशासन का हिसाब तो कर दिया है। लेकिन अभी भाजपा की केन्द्र की मोदी सरकार के जुमलेबाजी और वायदा खिलाफी का हिसाब बकाया है। हर व्यक्ति के खाते में 15 लाख का हिसाब, हर साल दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने के वादे के बदले पकोड़ा तलने की सलाह का हिसाब, नोटबंदी की तकलीफों का हिसाब, गब्बर सिंह टेक्स जीएसटी से व्यापार, उद्योग को पहुंचाये गये नुकसान का हिसाब अभी बचा हुआ है। छत्तीसगढ़ के मतदाता भाजपा की केन्द्र सरकार के द्वारा दी गयी तकलीफों का हिसाब आने वाले लोकसभा के चुनाव में करेगी।
प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में पहले नगरीय निकाय फिर पंचायत और अब विधानसभा चुनाव में भाजपा के सफाए से साबित हो गया है कि जनता भाजपा से कितनी त्रस्त और परेशान थी। आज छत्तीसगढ़ का किसान, मजदूर, नौजवान, महिलायें और व्यापारी चैन की सांस ले रहा है।