रायपुर, 31 अक्टूबर। एंटीबायोटिक दवाओं का जरूरत से ज्यादा और गलत इस्तेमाल आने वाले समय में गंभीर स्वास्थ्य संकट खड़ा कर सकता है। स्थिति यह है कि कई सामान्य बैक्टीरिया पर भी एंटीबायोटिक दवाओं का असर कम होता जा रहा है। इस खतरे को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी काउंसिल ने फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में राजधानी रायपुर में विशाल जागरूकता रैली निकाली। इसमें 1200 से अधिक फार्मेसी छात्र-छात्राओं, शासकीय फार्मासिस्टों और दवा व्यवसाय से जुड़े फार्मासिस्टों ने हिस्सा लिया।

स्वस्थ भारत मिशन के अंतर्गत आयोजित रैली को तेलीबांधा मरीन ड्राइव से आयुष विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. सुनील दास ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल डॉ. दास ने कहा कि एंटीबायोटिक दवाएं किसी ब्रह्मास्त्र से कम नहीं हैं, लेकिन इनका अनावश्यक इस्तेमाल भविष्य के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से एंटीबायोटिक के विवेकपूर्ण उपयोग को लेकर देशवासियों को जागरूक कर चुके हैं। दवाओं के सुरक्षित इस्तेमाल में डॉक्टर और मरीज के बीच फार्मासिस्ट की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

दरअसल, यह कार्यक्रम स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल द्वारा शुरू किया जाना प्रस्तावित था, लेकिन अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा के निधन के बाद प्रदेश भाजपा ने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए थे। राष्ट्रीय स्तर की इस जागरूकता रैली के आयोजन को देखते हुए मंत्री ने डॉ. सुनील दास को कार्यक्रम में अधिकृत किया। रैली की शुरुआत से पहले दिवंगत विधायक को श्रद्धांजलि देते हुए दो मिनट का मौन रखा गया।
AMR बना दुनिया के सामने बड़ी चुनौती
छत्तीसगढ़ फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष अरुण मिश्रा ने कहा कि काउंसिल की जिम्मेदारी केवल फार्मासिस्टों का पंजीयन करने तक सीमित नहीं है। समाज को दवाओं के सुरक्षित और सही उपयोग के प्रति जागरूक करना भी उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। वहीं, रजिस्ट्रार अश्वनी गुर्देकर ने कहा कि एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) आज वैश्विक स्वास्थ्य संकट बन चुका है। ICMR की रिपोर्ट में भी कई सामान्य बैक्टीरिया पर प्रचलित एंटीबायोटिक दवाओं के कम प्रभावी होने की चिंता सामने आई है। समय रहते लोगों ने दवाओं के इस्तेमाल में सावधानी नहीं बरती तो भविष्य में सामान्य संक्रमण का इलाज भी मुश्किल हो सकता है।1
नारों के जरिए दिया जिम्मेदार इस्तेमाल का संदेश
रैली मरीन ड्राइव से शुरू होकर भगत सिंह चौक और तेलीबांधा होते हुए वापस मरीन ड्राइव पहुंची। इस दौरान फार्मेसी के विद्यार्थियों ने नारों और संदेशों के जरिए लोगों को एंटीबायोटिक के सही इस्तेमाल के प्रति जागरूक किया। विद्यार्थियों ने अधूरा एंटीबायोटिक कोर्स नहीं छोड़ने, बिना विशेषज्ञ की सलाह दवा नहीं लेने और खुद से दवा का सेवन करने से बचने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया की प्रतिनिधि डॉ. आनंद महलवार, उपाध्यक्ष राहुल तिवारी, कार्यकारिणी समिति सदस्य चंचल दीप कौर, विजय पारख, निकेश देवांगन, नामांकित सदस्य परमानंद पटेल, शासन के प्रतिनिधि डॉ. अम्बर व्यास और PCI से डॉ. दीपेंद्र सिंह सहित काउंसिल के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। विभिन्न फार्मेसी महाविद्यालयों के प्राचार्यों और शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।