रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया है। विभाग ने 53 अधिकारियों एवं कर्मचारियों के स्थानांतरण और नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। 30 अक्टूबर को जारी इस आदेश से प्रदेश के कई नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों में अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदल गई हैं।जारी आदेश के मुताबिक, अधिकारियों-कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक नई जगहों पर पदस्थ किया गया है।
रायपुर, बलौदाबाजार, मुंगेली, जांजगीर-नैला, सारंगढ़, मनेंद्रगढ़, पिपरिया, पेंड्रा, सीतापुर, डौंडीलोहारा, कुर्रा, पिथौरा, सुकमा, गीदम, बीजापुर, नरहरपुर, गरियाबंद, अभनपुर, समोदा, चंदखुरी, कोतबा, पत्थलगांव, कसडोल, बालोद, बेमेतरा, बिलासपुर सहित कई नगरीय निकायों में पदस्थापना बदली गई है।कई अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारीआदेश के तहत विनोद पांडेय को बलौदाबाजार, आशीष तिवारी को मुंगेली, होरी सिंह ठाकुर को जांजगीर-नैला, विष्णु भगत को सारंगढ़, प्रह्लाद पांडेय को बांकीमोंगरा, योगेश नेताम को पेंड्रा और अमल दीप मिंज को सीतापुर में पदस्थ किया गया है।
इसी तरह ओमप्रकाश शर्मा को डौंडीलोहारा, दीपक शर्मा को पिथौरा, शशिभूषण महापात्र को सुकमा, विनित साव को गीदम, संध्या वर्मा को अभनपुर, निलेश केरकेट्टा को समोदा और सोहेल कुमार को चंदखुरी भेजा गया है।वहीं, कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके मूल पद पर वापस भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं। नगर निगम भिलाई, रायपुर और बिलासपुर में आयुक्त के विकल्प पर पदस्थापना से जुड़े आदेश भी जारी किए गए हैं।सात दिन के भीतर ज्वाइन करना अनिवार्यविभाग ने स्पष्ट किया है कि स्थानांतरित अधिकारी-कर्मचारियों को वर्तमान पदस्थापना स्थल से नई जगह पर सात दिनों के भीतर कार्यभार ग्रहण करना होगा।
निर्धारित समय में कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर वर्तमान पदस्थापना स्थल से वेतन आहरित नहीं किया जा सकेगा। यदि इसके बावजूद वेतन निकाला जाता है तो संबंधित नियंत्रण अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।आदेश उप सचिव डी.एन. कश्यप के हस्ताक्षर से छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा जारी किया गया है।हेडलाइन का दूसरा विकल्प:नगरीय निकायों में प्रशासनिक सर्जरी! 53 अधिकारी-कर्मचारी इधर से उधर, सात दिन में नई जगह ज्वाइनिंग का फरमाननोट: आदेश में कुछ नामों और पदस्थापना के OCR टेक्स्ट में अस्पष्टता है। प्रकाशन से पहले मूल आदेश की सूची से नामों का मिलान कर लें।