कुशल चोपड़ा : बीजापुर : राज्य में चल रहे धड़ल्ले से तबादले पर एक गंभीर मामला सामने आया है। इन अनाफ् फानन तबादले से ब्लाक के स्वस्थ विभाग की स्तिथि नाजुक होती जा रही है। स्वस्थ विभाग के डॉक्टर, स्टाफ नर्स लेबटेक्निसियां का थोक के भाव में तबादला कर दिया गया है, जिसकी वजह से स्वस्थ विभाग की सेवाएं चरमरा गई है। डॉक्टर व् लेबटेक्निसियां नहीं होने की वजह से तारलागुड़ा प्राथमिक स्वस्थकेंद्र बन्द पड़ी है, वही स्टाफ नर्स की भी कमी खल रही है। प्राथमिक स्वस्थ केंद्र में दो एएमो डॉक्टर पदस्त थे दोनों डॉक्टरों का ट्रांसफर स्वयं के व्यव पर किया गया है। जिसमे से एक डॉक्टर को रिलीफ किया गया व् एक डॉक्टर को रिलीफ नहीं करने की वजह से छुट्टी लेकर कोर्ट चले गए है। पीएचई में पदस्त लेबटेक्निसियां भी जिले के फेरबदल में ब्लाक मुख्यलाए में ट्रांसफर करवालिया है व् तारलागुड़ा के लिए जिस डॉक्टर की पदस्थापना की गई थी वह भी ज्वाइन करने अभी तक नहीं पहुंचे है। दाखिल करने की समय सिमा भी समाप्त हो चुकी है। तारलागुड़ा में कर्मचारी नहीं होने की वजह से लोगो को स्वस्थ सेवाओ से वंचित होना पड़ रहा है। वही सामुदायिक स्वस्थ केंद्र में स्टाफ नर्सो का ट्रांसफर इधर से उधर किया गया है। इसके वजह से शिफ्ट ड्यूटी करने में दिक्कत हो रही है। डे व् नाइट में दो-दो स्टाफ नर्सो की ड्यूटी लगाई जा रही। दो स्टाफ नर्स ही पूरा अस्पताल संभाल रही है एमर्जेंसीय, डिलेवरी रूम तक पुरे दिन दौड़ लगाती है। नर्सो की भी अस्पताल में एरजेस्ट करने की हालात बनी हुई है। ओपीडी टाइम में मरीजो की संख्या ज्यादा होती है। स्टाफ की कमी से इंजेक्शन कक्ष में लम्बी कतार लगी रहती है।