कुशल चोपड़ा की रिपर्टिंग : बीजापुर : बीजापुर जिले के मद्देड उपस्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ की कमी के कारण मरीजों को इलाज कराने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।इस केंद्र के अंतर्गत करीब 45 गांव आते हैं,और सिर्फ एक महिला चिकित्सक सेवा दे रही है।

बीजापुर के यदि कोई मरीज किसी बीमारी से जूझता है,तो उसे फौरन अस्पताल में भर्ती किया जाता है।अस्पताल के डॉक्टर भी उस व्यक्ति को जीवन देने के लिए पूरी कोशिश करते हैं पर ये कहानी कुछ और ही बयां करती है।जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे और सोचने पर मजबूर हो जाएंगे।
जिले के उपस्वास्थ्य केंद्र की हालत देखकर आप सिर पकड़ लेंगे।इस अस्पताल को देखकर ऐसा लगता है,जैसे कोई मरीज यहां अगर आता होगा,तो यहां से वापस डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारी लेकर वापस जाता होगा।
यहां मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।बारिश के पानी की वजह से केंद्र में जल जमाव हो गया है, जिससे डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है।अस्पताल में स्टाफ की कमी के कारण रेसीडेंट स्कूल आश्रम के बच्चों और ग्रामीणों को ज्यादा परेशानी हो रही है।
जब इस मामले मे खंड स्वास्थ्य अधिकारी अजय रामटेके से जानकारी लेनी चाही तो वे मीटिंग का हवाला देते हुई बाद मैं बात करने को कहा।