बीजापुर, 7 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में माओवादी पर्चे मिलने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। आवापल्ली थाना क्षेत्र के ग्राम मुरदण्डा में सरपंच, उपसरपंच और एक ग्रामीण को धमकी देने वाले पर्चे फेंकने के आरोप में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने माओवादी संगठन की आड़ में भय का माहौल बनाने के उद्देश्य से पर्चे तैयार कर रास्ते में फेंके थे।
पुलिस के मुताबिक, 7 अक्टूबर की सुबह ग्राम मुरदण्डा में कुल सात धमकीपूर्ण पर्चे मिले। इनमें सरपंच नारायण काका, उपसरपंच नारायण कचलम और ग्रामीण जयमूर्ति चापड़ी को निशाना बनाया गया था। पर्चों में स्कूल भवन निर्माण सहित अन्य कार्यों को लेकर चेतावनी दी गई थी। सरपंच की शिकायत पर आवापल्ली थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जमीन विवाद से जुड़ा मामला
पुलिस की जांच में सामने आया कि ग्राम मुरदण्डा-बायेगुड़ा निवासी संदीप मड़कम का संबंधित जमीन पर पिछले पांच वर्षों से कथित अवैध कब्जा था। जून 2026 में तहसीलदार द्वारा जमीन का सीमांकन कर स्कूल भवन निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई थी और कब्जा हटवाया गया था।पुलिस के अनुसार, इसके बाद संदीप मड़कम ने नागेश बोड़के के साथ मिलकर माओवादी संगठन की आड़ में धमकीपूर्ण पर्चे तैयार किए और मुरदण्डा से कमारगुड़ा जाने वाले रास्ते पर फेंक दिए, ताकि संबंधित लोगों में भय का माहौल बनाया जा सके।
बीजापुर पुलिस की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक उमेश प्रसाद गुप्ता के मार्गदर्शन में आवापल्ली पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र में जांच की। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संदीप मड़कम और नागेश बोड़के को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और छत्तीसगढ़ जनसुरक्षा अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई की है। मामले में आगे की जांच जारी है।
पुलिस की आम जनता से अपील
बीजापुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि धमकीपूर्ण पर्चे, संदिग्ध गतिविधियां या भ्रामक सूचनाएं मिलने पर अफवाहों पर विश्वास न करें और तत्काल नजदीकी थाने को सूचना दें। पुलिस ने स्पष्ट किया कि माओवादी संगठन या किसी अन्य प्रतिबंधित संगठन के नाम पर लोगों को डराने तथा शासकीय कार्यों में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।