जशपुर। गौवंशों की अवैध तस्करी और परिवहन के खिलाफ जशपुर पुलिस ने ऑपरेशन शंखनाद के तहत दो अलग-अलग कार्रवाई करते हुए कुल 29 गौवंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया। सोनक्यारी पुलिस ने 17 गौवंशों को जंगल के रास्ते झारखंड ले जाते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि सिटी कोतवाली पुलिस ने 12 गौवंशों को मुक्त कराया। इस दौरान तस्कर अंधेरे और घने जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए।सोनक्यारी में 17 गौवंशों के साथ आरोपी पकड़ा गया3 अक्टूबर को सोनक्यारी पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम गीधा के भंवरकोना जंगल के रास्ते 17 गौवंशों को पैदल झारखंड ले जाया जा रहा है।

पुलिस टीम ने जंगल में घेराबंदी कर बालमुकुंद (26), निवासी धौरापाठ को पकड़ा।पूछताछ में उसने बताया कि गौवंशों को पंचू यादव, निवासी पंड्रापाठ से लेकर झारखंड के गुमला जिले के दोनापाठ निवासी गुगुल अहिर के पास ले जाया जा रहा था। पुलिस ने जांच के बाद पंचू यादव और गुगुल अहिर को भी गिरफ्तार कर लिया।तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।तड़के 3 बजे 12 गौवंश मुक्त4 अक्टूबर को तड़के करीब 3 बजे सिटी कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोग जरिया भभरी जंगल के रास्ते गौवंशों को पैदल झारखंड ले जा रहे हैं।
पुलिस ने तत्काल घेराबंदी की। पुलिस को देखकर तस्कर अंधेरे और घने जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए। मौके से 12 गौवंशों को सुरक्षित मुक्त कराया गया।पुलिस के अनुसार फरार आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों एवं मार्गों पर तलाश जारी है।दोनों मामलों में छत्तीसगढ़ कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 6 एवं 10 के तहत अलग-अलग अपराध दर्ज कर जांच की जा रही है।डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि गौवंशों की अवैध तस्करी, परिवहन और इससे जुड़े नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि तस्करी में संलिप्त लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।