रायपुर। छत्तीसगढ़ के कथित ₹3,000 करोड़ के शराब घोटाले में कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनकी भूमिका को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। ED के मुताबिक, शराब घोटाले से अर्जित अवैध रकम का एक बड़ा हिस्सा तत्कालीन कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाया गया था।
जांच एजेंसी का दावा है कि शराब घोटाले से पैदा हुई बेहिसाब नकदी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रामगोपाल अग्रवाल को दिया जाता था। ED ने आरोप लगाया है कि अवैध नकदी रायपुर स्थित राजीव भवन में रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाई जाती थी।
ED के अनुसार, कथित शराब घोटाले से होने वाली अवैध कमाई के बंटवारे और उसके इस्तेमाल में रामगोपाल अग्रवाल की भूमिका की जांच की जा रही है। एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि पूछताछ के दौरान रामगोपाल अग्रवाल ने जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं किया।
ED ने 11 अगस्त 2026 को रामगोपाल अग्रवाल को कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। अदालत ने उन्हें 5 दिन की ED कस्टोडियल रिमांड पर भेजा है।
ED की जांच के अनुसार, छत्तीसगढ़ में 2019 से 2023 के बीच कथित शराब सिंडिकेट के जरिए ₹2,883 करोड़ से अधिक की अपराध से अर्जित आय (Proceeds of Crime) पैदा होने का आरोप है। एजेंसी के पुराने रिकॉर्ड में शराब की खरीद दरों में कथित हेरफेर, अनधिकृत शराब की बिक्री और FL-10A लाइसेंस के जरिए कमीशन वसूली जैसे आरोपों का उल्लेख है।
हालांकि, ED द्वारा लगाए गए ये आरोप जांच का हिस्सा हैं और अदालत में इनकी पुष्टि होना अभी बाकी है।