विश्व बाघ दिवस पर छत्तीसगढ़ में जागरूकता कार्यक्रमों की धूम

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रायपुर, 30 जुलाई 2026/वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि विश्व बाघ दिवस का मुख्य उद्देश्य बाघों के घटते प्राकृतिक आवास और उनकी लुप्त होती संख्या के प्रति वैश्विक स्तर पर जागरूकता बढ़ाना है। जंगलों और प्राकृतिक पर्यावरण को सुरक्षित रखना ताकि पारिस्थितिकी तंत्र का संतुलन बना रहे। बाघों के अवैध शिकार और उनके अंगों के व्यापार पर रोक लगाना।

   वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में विश्व बाघ दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। प्रदेश के टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यानों और अभ्यारण्यों में वन्यजीव संरक्षण और बाघों की सुरक्षा के लिए विभिन्न जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

    वन मंत्री कश्यप ने प्रदेशवासियों से वनों और वन्यप्राणियों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी और आधुनिक तकनीक के माध्यम से बाघ संरक्षण को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है।

गुरु घासीदास तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व में शपथ और सुरक्षा अभियान

    गुरु घासीदास तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व के सोनहत, रामगढ़, कमर्जी, जनकपुर और रिहंद रेंज के विद्यालयों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। छात्रों, शिक्षकों, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने बाघ संरक्षण की शपथ ली।

चित्रकला और क्विज प्रतियोगिताओं का आयोजन

     इस दौरान चित्रकला और क्विज प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। लोगों को जागरूक करने के लिए टाइगर पेपर मास्क भी वितरित किए गए।

टाइगर रिजर्व के संवेदनशील क्षेत्रों में एंटी-स्नेर वॉक (शिकार रोधी अभियान) चलाया गया और डॉग स्क्वॉड की मदद से सघन गश्त की गई।

उत्तर उदंती परिक्षेत्र में सायकल रैली और पर्यावरण जागरूकता

      उत्तर उदंती परिक्षेत्र के शासकीय हाई स्कूल बड़गांव में विश्व बाघ दिवस पर चित्रकला, निबंध और क्विज प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। छात्रों के लिए वन्यजीव संरक्षण पर आधारित विशेष फिल्म दिखाई गई और सायकल रैली निकाली गई।

कार्यक्रम में वन अधिकारियों और विशेषज्ञों ने वनों और वन्यजीवों के संरक्षण के महत्व पर जानकारी दी।

नंदनवन जंगल सफारी में 250 एनसीसी कैडेट्स ने लिया संरक्षण का संदेश

     रायपुर स्थित नंदनवन जंगल सफारी में लाखोली एनसीसी प्रशिक्षण शिविर के लगभग 250 कैडेट्स ने शैक्षणिक भ्रमण के दौरान जंगल सफारी का दौरा किया। कैडेट्स ने वन्यजीवों को करीब से देखा और बाघ संरक्षण का संदेश प्राप्त किया।

बारनवापारा अभ्यारण्य में वृक्षारोपण और वन कर्मियों का सम्मान

      बारनवापारा अभ्यारण्य में स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई और बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया गया। बाघों और जंगलों की सुरक्षा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वन कर्मियों को सम्मानित किया गया। एम-एसटीआरआईपीईएस (M-STrIPES) पेट्रोल ऐप के माध्यम से सर्वाधिक पैदल गश्त करने वाले बीएफओ और सीएफओ को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

जैव-विविधता संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध

    वन मंत्री केदार कश्यप ने स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध जैव-विविधता राज्य की अमूल्य धरोहर है। सरकार वन्यजीव संरक्षण, बाघों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी तथा आधुनिक तकनीक के समन्वय से लगातार कार्य कर रही है। साथ ही साथ आने वाले समय में भी वन संरक्षण और बाघों के अनुकूल सुरक्षित वातावरण तैयार करने के लिए ऐसे जागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे।

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