रायपुर, 30 जुलाई। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने घोषणा की है कि कल (31 जुलाई) से छत्तीसगढ़ में एनॉलॉग पनीर की बिक्री पर प्रभावी रोक लागू की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराया जाए और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत 34.29 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई, जो लक्षित आबादी का लगभग 99 प्रतिशत है।

अभियान में मलेरिया, टीबी, सिकल सेल, कुष्ठ रोग और मुख कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान कर इलाज शुरू किया गया। वहीं 60 हजार से अधिक गंभीर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया तथा 10,938 हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी की गई।मलेरिया की स्थिति पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हाल में कुछ मामले सामने आए हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग पूरी सतर्कता के साथ काम कर रहा है। मितानिन, एएनएम और स्वास्थ्य कर्मी गांव-गांव पहुंचकर जांच, उपचार और जागरूकता अभियान चला रहे हैं। उन्होंने कहा, “मलेरिया से एक भी मृत्यु न हो, यही हमारा लक्ष्य है।

“उन्होंने बताया कि बस्तर संभाग में मलेरिया पॉजिटिविटी दर 4.60 प्रतिशत से घटकर 0.48 प्रतिशत रह गई है, जबकि राज्य का वार्षिक परजीवी सूचकांक (API) 5.21 से घटकर 0.90 तक पहुंच गया है।स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 11.89 लाख से अधिक संस्थागत प्रसव हुए हैं। वहीं जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच 375 नई 108 संजीवनी एक्सप्रेस एम्बुलेंस के माध्यम से 6.50 लाख से अधिक लोगों को आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।

उन्होंने कहा कि HLL Lifecare Limited के सहयोग से राज्य के 1,051 स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक पैथोलॉजी जांच सेवाएं शुरू की गई हैं। साथ ही प्रदेश के सभी 10 मेडिकल कॉलेजों में पैरामेडिकल पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी है, जिससे स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध होंगे।