रायपुर, 28 जुलाई 2026। रायपुर पुलिस ने न्यायालय में फर्जी ऋण पुस्तिका और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर आरोपियों की जमानत कराने वाले गिरोह पर बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए स्वयं को जमानतदार बताकर न्यायालय को गुमराह करने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, न्यायालय परिसर में फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार कर आरोपियों की जमानत कराए जाने की शिकायत मिलने के बाद पुलिस उपायुक्त (मध्य) तारकेश्वर पटेल के निर्देश पर थाना सिविल लाइन पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान सूचना मिली कि कुछ महिलाएं फर्जी ऋण पुस्तिका का इस्तेमाल कर विभिन्न मामलों में जमानत ले रही हैं।
पुलिस टीम ने न्यायालय परिसर में तस्दीक की, जहां तीन महिलाओं को ऋण पुस्तिका में काट-छांट कर जमानत प्रक्रिया पूरी करते हुए पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपियों ने फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार कर विभिन्न न्यायालयों में आरोपियों की जमानत कराने की बात स्वीकार की।
इस मामले में थाना सिविल लाइन में अपराध क्रमांक 401/2026 एवं 402/2026 के तहत धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 238 एवं 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर तीनों महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है।
रायपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि न्यायालय या किसी भी शासकीय कार्यालय में फर्जी अथवा कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत कर न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।