रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का आज अंतिम दिन में कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने 136 बिंदुओं का अविश्वास प्रस्ताव पेश करते हुए भाजपा सरकार पर किसानों, महिलाओं, युवाओं और आम जनता से किए गए वादे पूरा नहीं करने का आरोप लगाया। जवाब में भाजपा ने इसे राजनीतिक स्टंट बताते हुए कहा कि सदन में सरकार अपने ढाई साल के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड पेश करेगी।
अविश्वास प्रस्ताव पर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस जारी है।वीओ-1छत्तीसगढ़ विधानसभा में कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ 136 बिंदुओं वाला अविश्वास प्रस्ताव पेश कर सियासी जंग छेड़ दी है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने कहा कि सरकार के 136 सप्ताह पूरे होने तक हर सप्ताह जनता को एक नई नाकामी और एक नया धोखा मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों, महिलाओं और युवाओं से किए गए वादे पूरे नहीं हुए और यह प्रस्ताव प्रदेश की तीन करोड़ जनता के टूटे भरोसे का दस्तावेज है।
कांग्रेस अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सरकार को जनहित, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और कथित प्रशासनिक विफलताओं के मुद्दे पर घेर रही है। पार्टी का कहना है कि सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी, इसलिए सदन में जवाब देना होगा।वीओ-3वहीं भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि विपक्ष ने भले ही फील्डिंग सजा ली हो, लेकिन चौके-छक्के भाजपा लगाएगी। उन्होंने दावा किया कि सरकार अपने ढाई साल के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड सदन में रखेगी और कांग्रेस सरकार के पांच साल के कार्यकाल की कमियों को भी उजागर करेगी। भाजपा ने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति पर भी निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष खुद नेतृत्व संकट से जूझ रहा है।
अविश्वास प्रस्ताव पर छिड़ी बहस अब केवल सरकार के कामकाज तक सीमित नहीं रह गई है। कांग्रेस इसे जनता के टूटे भरोसे और सरकार की जवाबदेही का मुद्दा बना रही है, जबकि भाजपा इसे अपने कामकाज की उपलब्धियों और जनादेश की पुष्टि के रूप में पेश कर रही है। अब सबकी नजर सदन में होने वाली बहस और अंत में होने वाले मत विभाजन पर टिकी है, जो प्रदेश की राजनीति को नया संदेश दे सकता है।