जशपुर। जशपुर जिले में नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो विशेष न्यायालय ने आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की कठोर सजा सुनाई है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ गंभीर अपराधों में किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।
मामला थाना सन्ना क्षेत्र का है। 19 जनवरी 2023 को 14 वर्षीय नाबालिग के पिता ने बेटी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच के दौरान पुलिस ने बालिका को सकुशल बरामद किया और वैज्ञानिक साक्ष्यों, चिकित्सीय परीक्षण तथा गवाहों के आधार पर आरोपी सुखदेव राम के खिलाफ अपहरण और दुष्कर्म के आरोप प्रमाणित किए।
प्रकरण की सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) एवं विशेष पॉक्सो न्यायालय, जशपुर के न्यायाधीश जनार्दन खरे ने आरोपी को धारा 376(3) आईपीसी और पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास, जबकि धारा 363 और 366क के तहत 5-5 वर्ष के सश्रम कारावास तथा अर्थदंड से दंडित किया। न्यायालय ने सभी सजाएं साथ-साथ चलाने के आदेश दिए हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी को सजा दिलाने में तत्कालीन थाना प्रभारी सन्ना एल. एन. राठिया की निष्पक्ष एवं प्रभावी विवेचना तथा विशेष लोक अभियोजक अनुपम कुमार तिर्की की मजबूत पैरवी की अहम भूमिका रही। फैसले के बाद आरोपी को जिला जेल जशपुर भेज दिया गया।
जशपुर पुलिस ने कहा है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों में त्वरित विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्य और प्रभावी न्यायालयीन पैरवी के जरिए दोषियों को कठोर सजा दिलाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।