वन मंत्री केदार कश्यप ने तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के 8,631 प्रतिभावान विद्यार्थियों को वितरित की ₹12.26 करोड़ की छात्रवृत्ति राशि

Uncategorized

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार वनांचल एवं तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण की दिशा में निरंतर प्रभावी कार्य कर रही है। इसी क्रम में आज नवा रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप ने छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित द्वारा संचालित “छात्रवृत्ति योजना” अंतर्गत 8,631 प्रतिभावान विद्यार्थियों को ऑनलाइन माध्यम से ₹12 करोड़ 26 लाख से अधिक की छात्रवृत्ति राशि वितरित की।

वन मंत्री केदार कश्यप का बड़ा संदेश :-

“वनाश्रित परिवारों के बच्चों के सपनों को साकार कर रही हैं छात्रवृत्ति योजनाएं”वन मंत्री केदार कश्यप ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके दिशा-निर्देश में राज्य सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और शिक्षा का लाभ पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वनांचल के बच्चों को शिक्षा से जोड़ना और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।उन्होंने कहा कि राज्य शासन का उद्देश्य केवल लघु वनोपज संग्रहण तक सीमित नहीं है, बल्कि वनाश्रित परिवारों के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक सशक्तिकरण को सुनिश्चित करना भी है। छात्रवृत्ति योजनाएं तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के बच्चों को आत्मविश्वास, अवसर और नई दिशा प्रदान कर रही हैं।वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि जब तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार का एक युवा भारतीय वन सेवा जैसी प्रतिष्ठित सेवा में चयनित होता है, तो यह शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की सार्थकता एवं प्रभावशीलता को भी प्रदर्शित करता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में गंभीरता से कार्य कर रही है, जिसका सीधा लाभ वनवासी एवं श्रमिक परिवारों को मिल रहा है।

तेंदूपत्ता संग्रहण से भारतीय वन सेवा तक :— अजय गुप्ता बने प्रेरणा

तेंदूपत्ता संग्रहण से भारतीय वन सेवा (IFS) तक का सफर तय करने वाले अजय गुप्ता आज हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुके हैं।छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ द्वारा संचालित छात्रवृत्ति योजना से मिली आर्थिक सहायता ने उनकी शिक्षा यात्रा को निरंतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपनी स्कूल एवं कॉलेज शिक्षा पूरी की और आगे चलकर भारतीय वन सेवा जैसी प्रतिष्ठित सेवा में चयनित होकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया।यह योजनाएं केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वनाश्रित एवं संग्राहक परिवारों के बच्चों के सपनों को साकार करने का प्रभावी माध्यम बन रही हैं।

चार प्रमुख श्रेणियों में दी गई छात्रवृत्ति :-

छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत विद्यार्थियों को विभिन्न श्रेणियों में लाभान्वित किया गया, जिनमें—• मेधावी छात्र पुरस्कार योजना• प्रतिभाशाली छात्रों हेतु शिक्षा प्रोत्साहन योजना• व्यावसायिक शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति योजना• गैर-व्यावसायिक शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति योजनाशामिल हैं। इन योजनाओं के माध्यम से कक्षा 10वीं एवं 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के साथ-साथ व्यावसायिक एवं गैर-व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत छात्रों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

श्रेणीवार लाभार्थियों एवं राशि का विवरण :-

मेधावी योजना – 1,639 लाभार्थी, ₹44.85 लाख• प्रतिभाशाली योजना – 6,133 लाभार्थी, ₹11.39 करोड़• व्यावसायिक शिक्षा छात्रवृत्ति योजना – 71 लाभार्थी, ₹6.15 लाख• गैर-व्यावसायिक शिक्षा छात्रवृत्ति योजना – 788 लाभार्थी, ₹35.72 लाखइस प्रकार कुल 8,631 विद्यार्थियों को ₹12,26,07,500 की राशि स्वीकृत एवं वितरित की गई।कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित के अध्यक्ष रुपसाय सलाम , उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा , प्रबंध संचालक अनिल कुमार साहू , विभागीय अधिकारीगण, सहकारी संघ के प्रतिनिधि एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे। अध्यक्ष रूपसाय सलाम ने कहा कि छात्रवृत्ति योजनाएं वनाश्रित एवं तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के बच्चों को शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।वहीं उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा ने कहा कि संघ द्वारा संचालित ये योजनाएं विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उनके सपनों को साकार करने का प्रभावी माध्यम बन रही हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *