जगदलपुर (बस्तर), 25 मार्च 2026। बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में बुधवार को “पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल के तहत बड़ी सफलता सामने आई, जब कुल 18 माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़ समाज की मुख्यधारा में वापसी का निर्णय लिया।
इस दौरान DKSZC सदस्य पापा राव, DVCM प्रकाश मड़वी और DVCM अनिल ताती समेत अन्य कैडर समाज के वरिष्ठ जनों, पुलिस व केंद्रीय सुरक्षा बलों के अधिकारियों, जिला प्रशासन और Team Bijapur के सदस्यों की मौजूदगी में औपचारिक रूप से शामिल हुए।
सरेंडर करने वाले कैडरों ने पुनर्वास प्रक्रिया के तहत AK-47, SLR, INSAS, .303 राइफल और BGL लॉन्चर जैसे अत्याधुनिक हथियार भी सुरक्षा बलों को सौंपने की बात कही है। यह कदम नक्सल प्रभावित क्षेत्र में शांति स्थापना की दिशा में एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि “पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल के तहत आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों को सरकार की नीति के अनुसार सुविधाएं और सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि वे सामान्य जीवन जी सकें।
इस पहल को बस्तर में शांति, विकास और विश्वास बहाली की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है, जिससे अन्य भटके हुए युवाओं को भी समाज की मुख्यधारा में लौटने की प्रेरणा मिलेगी।