जगदलपुर, 11 मार्च 2026,बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में बुधवार को नक्सल विरोधी अभियान के इतिहास का एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया। पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन पहल के तहत दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) के कुल 108 माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया।
यह कार्यक्रम शौर्य भवन, पुलिस कोऑर्डिनेशन सेंटर, लालबाग, जगदलपुर में दोपहर 2 बजे आयोजित किया गया, जहां समाज के वरिष्ठ जनों, पुलिस व केंद्रीय सुरक्षा बलों के अधिकारियों तथा जिला प्रशासन की मौजूदगी में माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण किया।
अधिकारियों के अनुसार, सरेंडर करने वाले कैडरों से मिली सूचनाओं और अन्य खुफिया जानकारी के आधार पर नक्सल विरोधी अभियानों के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी डंप बरामदगी की गई है। बीजापुर सहित बस्तर रेंज के विभिन्न जिलों से नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए डंप को भी कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शित किया गया।

बरामद डंप से 5.27 करोड़ रुपये नकद और करीब 1 किलो सोना मिलने की जानकारी सामने आई है। सुरक्षा एजेंसियां इसे नक्सल संगठन के आर्थिक नेटवर्क पर बड़ी चोट मान रही हैं।
प्रशासन का कहना है कि सरकार की पुनर्वास नीति और लगातार चलाए जा रहे सुरक्षा अभियानों के कारण नक्सली संगठन कमजोर पड़ रहा है, जिससे बड़ी संख्या में कैडर मुख्यधारा में लौट रहे हैं।