रायपुर। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने औद्योगिक इकाइयों द्वारा पर्यावरणीय मानकों के उल्लंघन पर सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक कार्रवाई की है। नियमित और आकस्मिक निरीक्षण के दौरान जल एवं वायु प्रदूषण की स्थिति पाए जाने पर मंडल ने कई उद्योगों के खिलाफ उत्पादन बंद करने और विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की है।मंडल द्वारा 10 फरवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 के बीच किए गए निरीक्षण में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।

ग्राम चरोदा, तहसील व जिला रायपुर स्थित एक स्पंज आयरन उद्योग में वायु प्रदूषण की स्थिति पाए जाने पर 10 फरवरी 2026 को वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 31(क) के तहत उत्पादन बंद करने एवं बिजली काटने की कार्रवाई की गई।इसी क्रम में मेटल पार्क, रावाभाठा क्षेत्र में 14 एवं 18 फरवरी को हुए निरीक्षण में 9 रोलिंग मिल, 1 वाइंडिंग पावर इकाई और 1 स्टील फर्नीचर इकाई सहित कुल 11 उद्योग बिना वैधानिक सहमति और प्रदूषण नियंत्रण मानकों का पालन किए संचालित पाए गए। इन सभी इकाइयों के विरुद्ध 17 और 19 फरवरी को वायु अधिनियम 1981 तथा जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 की धारा 33(क) के तहत उत्पादन बंद करने एवं विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की गई।
सिलतरा स्थित एक स्टील उद्योग में 18 फरवरी को निरीक्षण के दौरान वायु प्रदूषण की पुष्टि होने पर 19 फरवरी को उसके खिलाफ भी सख्त कदम उठाए गए। वहीं उरला और गोंदवारा औद्योगिक क्षेत्र में संचालित एक अन्य स्टील उद्योग में 24 फरवरी 2026 को प्रदूषण की स्थिति पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई।मंडल ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिगत यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। जिन उद्योगों में मानकों का पालन नहीं किया जाएगा, उनके खिलाफ वायु अधिनियम 1981 और जल अधिनियम 1974 के प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।इसके अलावा, उल्लंघन की अवधि के लिए तीन उद्योगों पर कुल 9 लाख 22 हजार रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति राशि भी अधिरोपित की गई है।
संबंधित इकाइयों को निर्देशित किया गया है कि जब तक वे सभी वैधानिक प्रावधानों और पर्यावरणीय शर्तों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित नहीं करते, तब तक संचालन की अनुमति प्रदान नहीं की जाएगी।छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की इस सख्त कार्रवाई से औद्योगिक क्षेत्रों में हड़कंप की स्थिति है और प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को स्पष्ट संदेश मिला है कि पर्यावरण से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।