रायगढ़, 16 फरवरी 2026, सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत अदाणी फाउंडेशन द्वारा GPII-ढोलनारा में ग्रामीण समुदाय के लिए हेलमेट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों में सुरक्षित वाहन संचालन की आदत विकसित करना तथा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।

कार्यक्रम में प्रोग्राम मैनेजर, असिस्टेंट मैनेजर और कम्युनिटी मोबिलाइज़र सहित अन्य प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। साइट हेड ने भी सहभागिता निभाते हुए सड़क सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। इस दौरान ग्रामीणों और युवाओं को हेलमेट वितरित किए गए, ताकि वे दोपहिया वाहन चलाते समय सुरक्षा नियमों का पालन करें और स्वयं को संभावित दुर्घटनाओं से सुरक्षित रख सकें।


प्रतिनिधियों ने अपने संबोधन में कहा कि हेलमेट पहनना केवल व्यक्तिगत सुरक्षा का विषय नहीं, बल्कि परिवार और समाज के प्रति जिम्मेदारी भी है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे दोपहिया वाहन चलाते समय नियमित रूप से हेलमेट का उपयोग करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे जीवन रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। कई प्रतिभागियों ने स्वीकार किया कि वे सड़क सुरक्षा के महत्व को समझते हैं, परंतु हेलमेट का नियमित उपयोग उनकी आदत नहीं बन पाया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भागीदारी रही और सभी ने इस प्रयास की सराहना की।
यह आयोजन सड़क सुरक्षा माह के तहत संचालित गतिविधियों का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य समुदाय में सुरक्षित यात्रा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और दुर्घटना-रहित समाज की दिशा में सार्थक योगदान देना है।
छत्तीसगढ़ में अदाणी फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर कार्य कर रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में विद्यालयों को बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा विद्यार्थियों को करियर मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। स्वास्थ्य क्षेत्र में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों और विज़न केयर कार्यक्रमों के माध्यम से नेत्र जांच व नि:शुल्क चश्मा वितरण किया जा रहा है। आजीविका एवं कौशल विकास के तहत युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाया जा रहा है। ग्रामीण विकास के अंतर्गत पेयजल, स्वच्छता और सामुदायिक अवसंरचना को मजबूत किया जा रहा है, वहीं पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण एवं जनजागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जा रहे हैं।
इन सभी पहलों का उद्देश्य समुदाय के जीवन स्तर में समग्र सुधार लाना और सुरक्षित, सशक्त एवं जागरूक समाज का निर्माण करना है।