कोरबा : जिले के पाली विकासखण्ड अंतर्गत रजकम्मा संकुल के चिताघुटरी प्राथमिक शाला में अध्ययनरत दर्जनों नौनिहाल बच्चे मौत के साए में रहकर अक्षरज्ञान सीख रहे है।जहां शिक्षको द्वारा भी उन बच्चों को जर्जर भवन में पढ़ाने की मजबूरी बनी हुई है।ग्रामीणों द्वारा नए स्कूल भवन के निर्माण का मांग जिला प्रशासन से किया गया।तथा वर्तमान विधायक मोहित केरकेट्टा को भी समस्या से अवगत करा निराकरण का मांग किया गया है।लेकिन अभी तक इस दिशा पर समाधान ना होने से बच्चों को अत्यंत जर्जर स्कूल भवन में विद्या अर्जन करने की परेशानी उठानी पड़ रही है।

ग्राम पंचायत रजकम्मा के प्राथमिक शाला चिताघुटरी में पहली से पांचवी तक कि कक्षा संचालित है।जहाँ इस सत्र में भर्ती हुए नए बच्चों को मिलाकर दर्जनों बच्चें इस स्कूल में अक्षरज्ञान सीख रहे है।लेकिन उक्त स्कूल भवन के अत्यंत जर्जर होने के फलस्वरूप बारिश के दिनों में भवन के छत से पानी रिसने के कारण सभी कमरों में पानी भर जाता है।और फर्श बच्चों के बैठने लायक नही रह जाता।दूसरी ओर छत का प्लास्टर जगह जगह से उखड़कर गिर रहा है जो कभी भी अध्यनरत बच्चों के लिए गंभीर हादसे का सबब बन सकता है।वहीं दीवारों में भी जगह जगह पर दरारें आ गई है।वर्तमान में स्कूल भवन के जर्जर हालत को देखते हुए अभिभावक भी काफी चिंतित नजर आ रहे है।लेकिन कक्षा संचालित हेतु अन्य भवन की वैकल्पिक व्यवस्था नही होने के कारण बच्चों की कक्षाएं जीर्ण शीर्ण भवन में ही लगाई जा रही है।जहां बारिश के दिनों पर ना चाहते हुए भी बच्चों की अघोषित छुट्टी करने की मजबूरी बनी हुई है।इस प्रकार छोटे छोटे नौनिहाल खौफजदा माहौल में क,ख,ग, अक्षरज्ञान अर्जित कर रहे है।जिससे बच्चों का पठन-पाठन कार्य काफी प्रभावित हो रहा है।स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर जिला प्रशासन से नए विघालय भवन का मांग किया जा चुका है।लेकिन प्रशासन द्वारा अभी तक इस ओर ध्यानाकर्षित नही किया गया।साथ ही पाली तानाखार क्षेत्रीय विधायक मोहित केरकेट्टा को भी समस्या से अवगत कराते हुए पहल करने हेतु कहा जा चुका है।लेकिन मौजूदा समय तक समस्या का पहल नही हो पाया है।अब यदि सरकार की शिक्षा व्यवस्था इस प्रकार रही तो बच्चे अपना भविष्य कितना गढ़ पाएंगे यह सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।