कोल, DMF और शराब घोटालों के आरोपी रिहा: सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, ढाई साल बाद जेल से छूटेंगे रानू साहू, समीर विश्नोई और सौम्या चौरसिया

Chhattisgarh

रायपुर, 31 मई 2025: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल परिवहन, DMF और शराब घोटाले में गिरफ्तार किए गए राज्य के वरिष्ठ अधिकारी और कारोबारी सुप्रीम कोर्ट से राहत पाने के बाद अब जेल से रिहा होने जा रहे हैं। रायपुर केंद्रीय जेल में ढाई साल से बंद निलंबित IAS अधिकारी रानू साहू, समीर विश्नोई (IAS), राज्य प्रशासनिक सेवा की अधिकारी सौम्या चौरसिया सहित 6 आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है।

जेल से रिहाई में एक दिन की देरी

इन सभी आरोपियों को शुक्रवार रात 8 बजे जेल से रिहा किया जाना था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश की कॉपी पर समय पर हस्ताक्षर न हो पाने के कारण यह प्रक्रिया एक दिन के लिए टल गई। अब ये सभी शनिवार सुबह रायपुर जेल से बाहर निकलेंगे।

कौन-कौन होंगे रिहा

  • 1. रानू साहू (IAS, निलंबित)
  • जुलाई 2023 में ईडी द्वारा गिरफ्तार
  • कोल परिवहन मामले में मुख्य भूमिका का आरोप
  • 2. समीर विश्नोई (IAS)
  • 23 अक्टूबर 2022 को ईडी द्वारा गिरफ्तार
  • कथित अवैध लेनदेन और संपत्ति अर्जन का मामला
  • 3. सौम्या चौरसिया (राज्य प्रशासनिक सेवा)
  • 2 दिसंबर 2022 को ईडी ने किया था गिरफ्तार
  • बाद में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने भी मामला दर्ज किया
  • 4. सूर्यकांत तिवारी (व्यवसायी)
  • 29 अक्टूबर 2022 से जेल में बंद
  • शराब, कोल और DMF घोटालों के प्रमुख आरोपी
  • 5. निखिल तिवारी (सूर्यकांत के करीबी)
  • जमानत तो मिल गई, लेकिन रिहाई प्रक्रिया लंबित
  • 6. अन्य एक सहयोगी आरोपी – नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है

सुप्रीम कोर्ट की शर्तें

रानू साहू, समीर विश्नोई और सौम्या चौरसिया को राज्य से बाहर रहना होगा, ताकि जांच और साक्ष्यों पर कोई प्रभाव न पड़े।

अन्य आरोपियों पर भी निगरानी रखी जाएगी और उनकी संपत्ति और गतिविधियों की जांच जारी रहेगी।

क्या है पूरा मामला!

छत्तीसगढ़ में कथित रूप से कोल खनन, परिवहन, DMF (District Mineral Foundation) फंड के दुरुपयोग और शराब वितरण प्रणाली में करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आया था।

ED और EOW ने मिलकर इन मामलों की जांच शुरू की थी।

आरोप था कि राजनीतिक संरक्षण में अधिकारी और व्यापारी मिलकर अवैध वसूली और काली कमाई को वैध बना रहे थे।

मामले में करोड़ों की संपत्ति जब्त की जा चुकी है और कई और जांच लंबित हैं।

अब आगे क्या!

  • रिहाई के बाद भी सभी आरोपी अदालत के आदेशों के अधीन रहेंगे।
  • ED, EOW और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की जांच अभी जारी है।
  • सुप्रीम कोर्ट की शर्तों का उल्लंघन करने पर जमानत रद्द हो सकती है।
  • छत्तीसगढ़ कोल, DMF और शराब घोटालों के आरोपी रिहा: सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, ढाई साल बाद जेल से छूटेंगे रानू साहू, समीर विश्नोई और सौम्या चौरसिया

यह मामला छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक और राजनीतिक व्यवस्था में गहराई तक फैले कथित भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। आने वाले समय में इस केस की आगे की सुनवाई और जांच पर पूरे देश की निगाहें रहेंगी।

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