रायपुर, 27 मार्च 2025/प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में सेवा प्रदायगी के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करते हुए विष्णु देव सरकार ने उत्कृष्टता के नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने के प्रति समर्पित सरकार के प्रयासों का परिणाम है कि राज्य में राष्ट्रीय गुणवत्ता आचासन मानक (NQAS) प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाले शासकीय अस्पतालों की संख्या में बीते वर्ष के दौरान उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
जहां वर्ष 2022-23 के पूर्व सीमित संख्या में स्वास्थ्य संस्थानों को NQAS प्रमाण पत्र प्रदान किया गया था, वहीं ‘2024-25’ में इनकी संख्या 300 से अधिक हो गई है। यह पूर्व वर्षों की तुलना में सबसे अधिक है, जो राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में अभूतपूर्व सुधार को दर्शाती है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के कुशल नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार किया है। उनके समर्पण और दूरदर्शी दृष्टिकोण ने राज्य के सुदूर क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को सुनिश्चित किया है। खासतौर पर, प्रदेश के वनांचल और दूरस्थ अंचलों में निवास करने वाले व्यक्तियों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना सरकार की प्राथमिकता रही है। इसी दिशा में प्रयास करते हुए छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र चिंतागुफा ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।
वर्षों तक चुनौतियों का पर्याय रहे, इस क्षेत्र ने अब अपनी सेवा भावना, मेहनत और प्रतिबद्धता से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। चिंतागुफा स्वास्थ्य केंद्र को 28 नवंबर 2024 को भारत सरकार के राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणपत्र से सम्मानित किया गया है। जो इस बात का प्रमाण है ही सही मायनों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच अंतिम छोर पर बसे व्यक्ति तक सुनिश्चित हो रही है।
प्रदेश में स्वास्थ्य संस्थाओं की गुणवत्ता हेतु (NQAS) के अंतर्गत राज्य के कुल 453 शासकीय अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केन्द्रों को भारत सरकार द्वारा गुणवत्ता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया, एवं इसके अतिरिक्त प्रदेश के 615 संस्थानों का आवेदन प्रक्रिया पूर्ण कर मूल्यांकन की प्रक्रिया जारी है। जो कि प्रदेश में सुसंगत, विश्वसनीय एवं उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं को सुनिश्चित करने की दिशा में एक सशक्त पहल है।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण-पत्र प्रदान करने के पूर्व विशेषज्ञों की टीम द्वारा अस्पताल की सेवाओं और संतुष्टि स्तर का विभिन्न मानकों पर परीक्षण किया जाता है। इनमें उपलब्ध सेवाएं, मरीजों के अधिकार, इनपुट, सपोर्ट सर्विसेस, क्लिनिकल सर्विसेस, इन्फेक्शन कंट्रोल, गुणवत्ता प्रबंधन और आउटकम जैसे पैरामीटर शामिल हैं। इन कड़े मानकों पर खरा उतरने वाले अस्पतालों को ही केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुणवत्ता प्रमाण-पत्र जारी किए जाते हैं।