रायपुर :इनदिनों छत्तीसगढ़ में टेंडर घोटाला का नया मामला सामने आया है। साय के सुशासन में प्रदेश के अधिकारियों ने सरकार की आँखो में धूल झोंककर पर्दे के पीछे करोड़ो का खेला खेल रहे है। इसमें बिना टेंडर के छत्तीसगढ़ में सरकारी हैलीकॉप्टर उड़ान भर रही है।
छत्तीसगढ़ में बिना टेंडर के हेलीकॉप्टर उड़ रही है। बिना टेंडर के संचालित हो रही है हेलीकॉप्टर,जबकि सरकार सुशासन सरकार का दावा करती है।
बड़ा सवाल :- सरकार के पास खुद की स्टेट हेंगर है । उसके बावजूद इस कंपनी को बिना टेंडर के किस आधार पर चल रही है !
सवाल :- यह हेलीकॉप्टर राज्य सरकार ने जिस कंपनी से हायर किया है वह,,,BJP के राष्ट्रीय अल्पसंख्यक के मोर्चे की बेटे की कंपनी है। ,,, *जो कि कई भाजपा शासित राज्यों में बिना टेंडर के काम कर रहे है।
आज दिनांक तक कंपनी से बातचीत तो पता चला कि सरकार ने अभी तक कोई टेंडर नहीं किया है। मुख्यमंत्री के नाक के नीचे करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार हो रहा है, कौन कर रहा है।
राज्य में हेलीकॉप्टर जो चल रही है ,हेलीपैड पुलिस ग्राउंड में खड़ी रहती है तो दूसरा रायपुर माना एयरपोर्ट के पास।
सूत्रों के मुताबिक एक हेलीकॉप्टर की इंजन में खराबी आने की स्थिति में है, आए दिन बार बार खराब होती रही है, कंपनी राज्य सरकार से पैसा लेते रहती है,लेकिन हेलीकॉप्टर की खराबी को कंपनी ठीक नहीं कर रहा है।
हेलीकॉप्टर को साढे चार लाख प्रति घंटे की हिसाब में सरकार पैसा देती है। जितने पैसा सरकार एक वर्ष में कंपनी को देती है उतने रुपए में साल भर में 5 हेलीकॉप्टर खरीद सकती है छत्तीसगढ़ सरकार।
विमानन विभाग में कर्मचारी रहते हुए भी प्राइवेट कंपनी से हायर करती है, जिसका खर्चा राज्य सरकार को अलग से देना होता है,जो कि राजस्व में अतिरिक्त भार पड़ता है।
इसके बंदरबांट के पीछे कौन है जो इस विभाग को ऐसे कौनसे महानुभाव लोग हैं जो ठीक से संचालित नहीं होने देना चाहते हैं।
प्राइवेट कर्मचारियों है और जो रिटायर्ड कर्मचारी हैं वे सक के घेरे में हैं, जिनका नाम आता है, जिनकी सैलरी एक समय में गवर्नर से ज्यादा सैलरी दी जा रही थी,जो नियमानुसार गलत थी जो कि शिकायत होने पर उस पेय स्केल से हटाया गया था, उस व्यक्ति का इतना प्रभाव है कि आज दिनांक पर वह कर्मचारी प्रभावित कर रहा है क्या ,यह भी सवाल जनता के बीच उठ रहा है। यह किस प्रकार का बंदर बांट हो रहा, सरकार की पैसा छत्तीसगढ़ की पैसा का दुरुपयोग हो रहा है। साय सरकार को इस तरफ ध्यान देने की अत्यंत जरूरी है।
5-6 सालों से सिस्टम चल रहा है।किस नियम के तहत सिस्टम चल रहा है!
क्या साय छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार को गुमराह किया जा रहा!
जबकि हेलीकॉप्टर कंपनी द्वारा चलाए जा रहा है तो कंपनी का एम्पलाई होना चाहिए। फिर छत्तीसगढ़ सरकार अपना कर्मचारी क्यों नहीं रख रहे हैं ,सरकार के पास पर्याप्त स्टाफ है। तो कंपनी का एम्पलाई को छत्तीसगढ़ सरकार क्यों सैलरी दे रही है। और अगर सैलरी देना है तो क्यों न छत्तीसगढ़ का ही एम्पलाई नियुक्त क्यों नहीं कर रही है सरकार।
विधानसभा में उठा सवाल :- इस संबंध में कांग्रेस विधायक इंद्रा साव की ओर से सवाल लगाया गया था।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में छत्तीसगढ़ सरकार ने किराए पर लिए गए हेलीकॉप्टर के लिए 249 करोड़ 15 लख रुपए की भारी भरकम राशि का भुगतान किया है।
यह भुगतान पिछले 4 साल के दौरान किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बजट सत्र के दौरान सदन को दी जानकारी दी है।
विधानसभा में उठा मुद्दा :- छत्तीसगढ़ सरकार के विमान विभाग में 2021 ,2022 से 2024 और 2025 ,31 जनवरी तक किन निजी कंपनियों से हेलीकॉप्टर किराए पर लिए हैं, और इन कंपनियों को किस दर पर भुगतान किया गया और विमान विभाग ने कोई सरकारी विमान खरीदा है क्या, ऐसा कोई विमान वर्तमान में उपयोग में है!
जवाब में मुख्यमंत्री विष्णु देव ने बताया :- कि राज्य सरकार ने 2006 ,2007 में डबल इंजन से लैस सरकारी विमान किंग एयर B 200VT सीटीजी खरीदा था. इसके अलावा राज्य सरकार समय-समय पर टेंडर के माध्यम से निजी कंपनियों से हेलीकॉप्टर किराए पर लेती है।
ढिल्लो एवीएशन प्राइवेट लिमिटेड गुरुग्राम , हरियाणा स्थित कंपनी को 200 करोड़ रुपए का भुगतान
ढिल्लो एवीएशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को 2021 से 2022 के दौरान 11बार हेलीकॉप्टर किराए पर लिए गए। इसके लिए 6 करोड़ 66 लाख रुपए का भुगतान किया गया। इसके अलावा और एयर किंग चार्ट प्राइवेट लिमिटेड से 21 बार हेलीकॉप्टर किराए पर लिए गए, इसके लिए 18 करोड़ 15 लाख रुपए का भुगतान किया गया।
साल 2022-23 में ढिल्लो एवियशन प्राइवेट लिमिटेड को 41 बार हेलीकॉप्टर किराए पर देने के लिए अनुबंधित किया गया। इसके लिए 59 करोड़ 99 लाख रुपए का भुगतान किया गया। इसके अलावा एयर किंग चार्ट प्राइवेट लिमिटेड को 16 बार हेलीकॉप्टर किराए पर देने के लिए अनुबंधित किया गया, इसके लिए 18 करोड़ 71 लाख रुपए का भुगतान किया गया। साल 2023, 24 में ढिल्लो एवियशन प्राइवेट लिमिटेड को 51 बार हेलीकॉप्टर किराए पर देने के लिए अनुबंधित किया गया , इसके लिए 89 करोड़ 50 लाख रुपए का भुगतान किया गया। साल 2024 ,2025 में इसी कंपनी को 37 बार हेलीकॉप्टर किराए पर देने के लिए 56 करोड़ 11 लख रुपए का भुगतान हुआ।